ज्ञान बिहारी मिश्र
लखनऊ। पीजीआई इलाके में 27 मई को दिनदहाड़े गोली मारकर हुई बिल्डर संदीप सिंह की हत्या के मामले में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। एसटीएफ की छानबीन में सामने आया है कि बिल्डर की हत्या के पीछे अयोध्या के हिस्ट्रीशीटर दिलीप वर्मा का भी हाथ था। दिलीप की भूमिका सामने आने के बाद पीजीआई थाने में दर्ज एफआईआर में उसका नाम बढ़ा दिया गया है।
एसटीएफ में एएसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक दिलीप के गिरोह में काम करने वाले संजीव ने संदीप की गोली मारकर हत्या की थी। इसके लिए दिलीप ने असलहा मुहैया कराया था। संजीव के बेटे ने भी पुलिस को दिए बयान में इसका खुलासा किया था। दिलीप अयोध्या के गोसाईंगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। आरोपी पर अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अयोध्या समेत आसपास के कई जिलों में 34 मामले दर्ज हैं। दिलीप के कहने पर संजीव ने कई हत्याएं की थीं। एसटीएफ की टीम दिलीप की तलाश कर रही है। सूत्रों का कहना है दिलीप भूमिगत हो गया है। वह लगातार लोकेशन बदल रहा है।
अपराध से राजनीति का सफर तय करने की योजना
दिलीप अपराध जगत से अब राजनीति का सफर तय करने की योजना बना रहा है। वह अयोध्या के गोसाईंगंज स्थित बधुंहरा सरैंया का रहने वाला है। कुछ माह से वह भाजपा नेताओं के चक्कर काट रहा है। दिलीप टांडा पंचायत चुनाव की तैयारी में था। हालांकि, कुछ दिनों से वह क्षेत्र में सक्रिय नहीं है। माना जा रहा है कि जल्द ही एसटीएफ उसे गिरफ्तार कर लेगी। आरोपी के पकड़े जाने के बाद कई अनसुलझी घटनाओं का खुलासा होगा।
खान मुबारक गिरोह से भी कनेक्शन
दिलीप खान मुबारक का करीबी था। खान मुबारक गैंग के कहने पर आरोपी ने कई वारदात को अंजाम दिए। उसके कहने पर चंद रुपयों के लिए संजीव किसी की भी हत्या करने के लिए तैयार रहता था। संजीव की 27 जून को एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में गोली लगने से मौत हो गई थी। संजीव ने सुपारी लेकर संदीप की हत्या की थी।
यह है मामला
मूलरूप से जौनपुर के रहने वाले बिल्डर संदीप सिंह की प्रॉपर्टी के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की साजिश प्रॉपर्टी का काम करने वाले दिनेश यादव ने अपने चालक मुकर्रबीन के साथ मिलकर रची थी। शूटर गंगाराम ने उपलब्ध कराए थे। एसटीएफ ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का राजफाश किया था।
संदीप सिंह की फाइल फोटो।