सालों पहले अपना सब कुछ छोड़ पाकिस्तान से ‘आजाद’ होकर लखनऊ में बसने आए 69 निर्वासित हिंदू परिवारों को स्वतंत्रता दिवस पर असली आजादी मिलेगी। इन हिंदू परिवारों का भारतीय नागरिकता पाने का ख्वाब जो पूरा होने जा रहा है।
लखनऊ के डीएम इन सभी को भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र जारी करेंगे। प्रभारी अधिकारी व एडीएम सिटी पश्चिम संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि विदेश मंत्रालय की हरी झंडी के बाद प्रशासन इसकी तैयारी में जुट गया है। इन्हें 15 अगस्त तक नागरिकता दे दी जाएगी।
इसके बाद आसपास के जिलों में रह रहे 113 निर्वासित हिंदू परिवारों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी। लखनऊ, फैजाबाद, बाराबंकी, गोण्डा व आस पास के जिलों में ऐसे 182 हिंदू परिवार हैं।
गृहमंत्री व लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने तीन साल पहले नागरिकता के लिए भटक रहे इन परिवारों को नागरिकता प्रमाणपत्र जारी कराने का वादा किया था। गृहमंत्रालय ने लखनऊ के डीएम को विशेषाधिकार दिया है कि वे पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत अन्य देशों को छोड़कर राजधानी में बसने वाले सभी विस्थापित हिंदू परिवारों को भारतीय नागरिकता प्रदान कर सकते हैं।
वीजा अवधि खत्म होने के कारण भटक रहे थे नागरिकता के लिए
ये लोग दीर्घकालीन वीजा अवधि खत्म होने के बाद से ही नागरिकता के लिए भटक रहे थे। डीएम ने कागजी औपचारिकता व पुलिस सत्यापन रिपोर्ट पूरी कराके 69 एलटीवी धारकों का मामला विदेश मंत्रालय भेजा था। विदेश मंत्रालय ने इस पर मुहर लगा दी है। बाकी बचे 113 प्रकरणों की औपचारिकता को जल्दी दूर कराने की जिम्मेदारी एसीएम द्वितीय को सौंपी गयी है।
सब कुछ छोड़कर आए फिर भी पाकिस्तानी होने का ताना
नागरिकता पाने को जूझ रहे ऐसे परिवारों को हर कदम पर जिल्लत झेलनी पड़ती है। भारतीय नागरिकता न मिल पाने के कारण न तो ये किसी बैंक में खाता खोल पा रहे हैं, न ही इनके पास मतदान का अधिकार है।
खुद का पहचान पत्र न होने से इन्हें सरकारी योजनाओं का फायदा भी नहीं मिल पा रहा। ऐसे परिवारों के बच्चों को न तो किसी अच्छे स्कूल में प्रवेश मिल पाता है और न ही किसी सरकारी नौकरी में आवेदन का मौका। सामाजिक तौर पर भी ऐसे निर्वासित परिवार के लोगों को पाकिस्तानी होने का ताना भी झेलना पड़ता है।
नागरिकता संग मिलेगी ये सौगातें
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- फोटो : अमर उजाला
... किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में खुलवा सकेंगे खाता
... स्वरोजगार, बिजनेस करने का भी मिलेगा मौका
... डीएल व पैन कार्ड बनवाने की भी मिलेगी सुविधा
... कुछ शर्तो के साथ मकान व अचल संपत्ति खरीदने को भी अनुमति
... राज्य के अन्य जिलों में बिना अनुमति आवागमन की सुविधा
... वीजा दस्तावेज एक से दूसरे राज्य में स्थानान्तरित करने भी अनुमति
गृह मंत्रालय ने पाक व बांग्लादेश छोड़कर आए हिन्दू मामले पर प्रभारी अधिकारी व एडीएम सिटी पश्चिम संतोष कुमार वैश्य का कहना है कि विस्थापित परिवारों (सिन्धी समुदाय) को भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र जारी किए जाने के लिए डीएम लखनऊ को दो साल के लिए विशेषाधिकार प्रदान किया है।
ऐसे विस्थापित परिवारों को भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र जारी करने का कार्य जल्द शुरू होगा ताकि उन्हें सम्मानपूर्वक रहने की आजादी मिल सके।