लखनऊ। हिंदी दिवस पर शिक्षण संस्थानों में हिंदी की उन्नति के संकल्पों पर चर्चा हुई। इसमें विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों व विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया।
नेशनल पीजी कॉलेज में संगोष्ठी में मुख्य अतिथि प्रो. अलका पांडेय ने कहा कि हिंदी राष्ट्रीय स्वाभिमान की भाषा है। हिंदी साहित्य लोगों को तेजी से आकर्षित कर रहा है। प्राचार्य प्रो. देवेंद्र सिंह, प्रो. राममकृष्णा जायसवाल आदि मौजूद रहे।लखनऊ विवि के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग में हुए कार्यक्रम में राजभाषा के निवर्तमान महाप्रबंधक डॉ. गणेश मिश्रा ने संविधान में हिंदी की स्थिति पर विचार व्यक्त किए। विशिष्ट अतिथि लबासना में शिक्षक रहे डॉ. गंगा प्रसाद शर्मा ने अपने अनुभवों को साझा किया। विभागाध्यक्ष प्रो. रश्मि कुमार व अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि के पत्रकारिता विभाग में फीचर लेखन प्रतियोगिता हुई। इसमें खुशी तिवारी को पहला, आरती शुक्ला को दूसरा और मेहर जमाल को तीसरा पुरस्कार मिला। डॉ. रुचिता चौधरी, चितवन मिश्रा, डॉ. शचींद्र शेखर व डॉ. काजिम आदि मौजूद रहे। कालीचरण पीजी कॉलेज में मुख्य अतिथि उपाध्यक्ष ललित कला अकादमी गिरीशचंद्र मिश्रा ने कहा कि हिंदी को राष्ट्र भाषा संग रोजगार की भाषा बनाना होगा। कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. चंद्रमोहन उपाध्याय, प्रबंधक वीके मिश्रा व शिक्षक उपस्थित रहे।
केंद्रीय संस्कृत विवि लखनऊ परिसर में हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ हुआ। निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने कहा कि हिंदी भारत की आत्मा है। डॉ. संध्या त्रिपाठी, डॉ. संजय मिश्राडॉ. धर्मेद्र पाठक व शिवानंद मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
एपीसेन मेमोरियल पीजी कॉलेज में विश्व पटल पर हिंदी के बढ़ते कदम विषय पर भाषण प्रतियोगिता हुई। प्राचार्य प्रो. रचना श्रीवास्तव ने छात्राओं को हिंदी महत्ता बताई। पुलिस उपायुक्त आरएन सिंह, मनोज चौरसिया, डॉ. निशा गहलोत आदि मौजूद रहीं।
खुनखुन जी डिग्री कॉलेज में हुई ऑनलाइन संगोष्ठी में डॉ. कल्पना मिश्रा ने कहा कि भारत की राजभाषा हिंदी सरलता, सहजता और उदारता के कारण विश्व में ख्याति पा रही है। प्राचार्य प्रो. अंशू केडिया व अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। नवयुग कन्या महाविद्यालय में हिंदी दिवस संग ओजोन दिवस मनाया गया। वनस्पति विज्ञान विभाग में पोस्टर प्रतियोगिता में बीएससी पहले, तीसरे व पांचवें सेमेस्टर की छात्राओं ने हिस्सा लिया।