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पंचायत चुनाव में सरकार पर लगे आरोप गंभीर: कोर्ट

Fri, 08 Jan 2016 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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हाईकोर्ट ने कहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्षी प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने से रोकने के आरोप वास्तव में काफी गंभीर हैं।
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यदि यह सही है तो इसका अर्थ है स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की संविधान की मंशा का वास्तव में मजाक उड़ाया गया है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने यह टिप्पणी बिजनौर के पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवार उदयवीर सहित चार अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए की।

याचीगण के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिस पर रोक लगाने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।

मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति अमर सिंह चौहान की पीठ ने याचीगण की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।
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फर्जी मुकदमें लिखवाकर नामांकन वापस लेने का दबाव

याचिका पर बहस कर रहे वकीलों ने एक स्वर में कहा कि सत्ता पक्ष अपने समर्थित उम्मीदवारों को निर्विरोध चुनाव जिताने के लिए तरह-तरह के षड्यंत्र कर रहा है।

विपक्षी उम्मीदवारों को डरा धमकाकर उनका नामांकन वापस कराया जा रहा है। जो लोग नामांकन वापस नहीं ले रहे उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे कायम किए गए हैं।

याची के खिलाफ अपहरण का झूठा केस दर्ज कराया गया है जबकि अपहृत व्यक्ति ने स्वयं सीजेएम बिजनौर के समक्ष हलफनामा दाखिल कर कहा है कि उसका अपहरण नहीं किया गया है।

खंडपीठ ने कहा कि फिलहाल वह इन आरोपों पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाल रहे हैं लेकिन यदि वास्तव में ऐसा हुआ है और आरोप सही पाए जाते हैं तो इसका मतलब है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने की मंशा असफल रही है।
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