हाईकोर्ट ने कहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्षी प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने से रोकने के आरोप वास्तव में काफी गंभीर हैं।
यदि यह सही है तो इसका अर्थ है स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की संविधान की मंशा का वास्तव में मजाक उड़ाया गया है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने यह टिप्पणी बिजनौर के पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवार उदयवीर सहित चार अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए की।
याचीगण के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिस पर रोक लगाने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति अमर सिंह चौहान की पीठ ने याचीगण की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।