लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने क्रिश्चियन पीजी कॉलेज के प्रबंधक रवि राबर्ट लायल, प्राचार्य मुकेश पति, शारीरिक शिक्षा के विभागाध्यक्ष डॉ. आरएन वल्सराज, सुपरवाइजर वारिश अली व अन्य की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इन सभी पर क्रिश्चियन पीजी कॉलेज की जमीन पर आगजनी व मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। अदालत ने कहा कि इस मामले में इन याचियों को हिरासत में न लिया जाए। कोर्ट ने लखनऊ के अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) को विवेचना कर हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति अजय लांबा व न्यायमूर्ति राजीव सिंह की पीठ ने यह आदेश उक्त चारों आरोपियों की तरफ से दायर याचिका पर दिया। याचिका में सन्नी दुआ द्वारा लखनऊ की वजीरगंज कोतवाली में दर्ज कराई गई नामजद एफआईआर को रद करने व याचियों की गिरफ्तार पर रोक का आग्रह किया गया था। सन्नी दुआ ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि कॉलेज की जमीन के विवाद में उक्त याची आरोपियों ने आगजनी व मारपीट की। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराए जाने के लिए निचली अदालत में अर्जी दी गई थी, जिस पर पारित आदेश के तहत यह केस दर्ज हुआ।
याचियों के अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार बाजपेयी की दलील थी कि याचियों के खिलाफ झूठी एफआईआर की गई है और उन्हें रंजिशन फंसाया गया है। अदालत ने कहा कि मामले के तथ्यों और हालातों पर गौर करते हुए याचियों को झूठा फंसाए जाने और संपत्ति पर कब्जा करने के उद्देश्य से उनका अभियोजन किए जाने से इनकार नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी के साथ अदालत ने अगली सुनवाई 8 मई को होगी।