कैबिनेट मंत्री और जल निगम के अध्यक्ष आजम खां ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के समक्ष सरेंडर करते हुए कोर्ट के आदेशों के बावजूद उपस्थित न होने के लिए माफी मांगी। इस पर हाईकोर्ट ने माफी स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट को रद्द कर दिया।
हाईकोर्ट में जल निगम की ओर से दायर एक याचिका में हाईकोर्ट ने आजम को प्रस्तुत करने के लिए एक अक्तूबर को जमानती वारंट जारी किया था। इसके खिलाफ आजम ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कोई राहत न देते हुए हाईकोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे।
हाईकोर्ट में पेश हुए आजम ने कोर्ट द्वारा उपस्थिति के लिए कहे जाने के बावजूद न आने और वारंट जारी होने को लेकर माफी की अर्जी देते हुए खुद को सरेंडर किया। उन्होंने कहा कि वे कोर्ट के आदेशों से बंधे रहेंगे। जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस रवींद्रनाथ मिश्रा - द्वितीय ने इसे स्वीकार करते हुए वारंट रद्द कर दिया।