लाइसेंसी असलहों के दुरुपयोग व हर्ष फायरिंग को रोकने के मामले में पहले के आदेशों का पालन नहीं होने पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है कि आपराधिक रिकॉर्ड वालों के कितने असलहा लाइसेंस रद्द किए गए।
न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना और न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यह आदेश हर्ष फायरिंग पर रोक के मामले में वर्ष 2012 से लंबित याचिका पर दिया।
अदालत ने हर्ष फायरिंग व लाइसेंसी असलहों का दुरुपयोग रोकने संबंधी कई निर्देश क्रेंद्र व राज्य सरकार को पहले भी दिए थे।
पर इन निर्देशों का पूरी तरह पालन न होने पर कोर्ट ने केंद्र व राज्य से पहले के आदेशों के पालन संबंधी हलफनामा व रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी।
लाइसेंस के बाद भी कौन-कौन ले रहा सरकारी सुरक्षा
असलहा लाइसेंस होने के बावजूद कई लोग फ्री या सरकारी खर्चे पर सुरक्षा भी लिए हुए हैं। इस पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए राज्य सरकार से ऐसे लोगों के नाम तलब किए हैं।
केंद्र से भी मांगा हलफनामा
आमलोगों के पास सरकारी एजेंसियों (पुलिस आदि) से ज्यादा लाइसेंसी असलहे होने पर केंद्र से हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि इस दशा में संतुलन बनाए रखने के लिए उसकी क्या योजना है।