राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य विजय कुमार ने सफाई कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिए जाने और ठेकेदारी प्रथा खत्म कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सफाई कार्य की जिम्मेदारी सिर्फ वाल्मीकि समाज के लोगों से ही पूरी कराई जाए। गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सभागार में अफसरों और कर्मचारियों संग बैठक में आयोग के सदस्य ने कहा कि सफाई कर्मचारी की मृत्यु पर आश्रित को तत्काल प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दी जाए।
बताया कि वह प्रदेश सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों के लिए संचालित योजनाओं और मुहैया कराई जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी एकत्र करने राजधानी आए हैं।
उन्होंने नाराजगी जताई कि सफाई कर्मचारियों के पदों पर अन्य जाति के लोगों की नियुक्ति कर ली गई है लेकिन उनके द्वारा काम न करके वाल्मीकि जाति के लोगों से ही कम पैसों में कार्य कराकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
कहा कि, यदि कोई सफाई कर्मी सीवर में कार्य के दौरान हादसे का शिकार होता है तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मृतक के घर वालों को दस लाख की सहायतार्थ राशि व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की व्यवस्था कराई जाए।
सफाई कर्मियों को साल में दो बार मेडिकल चेकअप कराने की सलाह भी दी। बताया कि केंद्र सरकार सफाई कर्मियों के बच्चों को स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षित कर ब्याज मुक्त अनुदान दिया जाता है।