हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 26 दिसंबर से शुरू हो रहे सैफई महोत्सव में सरकारी धन के खर्च पर रोक लगाए जाने की गुजारिश वाली अर्जी पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप साही और न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश स्थानीय वकील मनेंद्र नाथ राय की लंबित पीआईएल में दाखिल की गई अर्जी पर दिया।
याची का आरोप था कि यह महोत्सव सपा नेताओं का निजी कार्यक्रम है। लिहाजा इसमें सरकारी धन के खर्च पर रोक लगाई जानी चाहिए।
उधर, राज्य सरकार की तरफ से अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता एचके भट्ट ने यह कहते हुए अर्जी का विरोध किया कि सैफई महोत्सव एक सरकारी आयोजन है, जो सांस्कृतिक क्रिया-कलापों को बढ़ावा देने के लिए हर साल होता है।