तथ्यों को छिपाकर याचिका दायर करना एक अपीलकर्ता को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपीलकर्ता पर 50 हजार रुपये का हर्जाना ठोका है।
महीने भर में हर्जाने की रकम जमा नहीं कराने पर भू-राजस्व की तरह इसकी वसूली की जाएगी। इसके साथ ही अदालत ने अपीलकर्ता द्वारा दायर विशेष अपील खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल की खंडपीठ ने यह फैसला जमाल मोहम्मद खां की विशेष अपील पर सुनाया। इसमें अपीलकर्ता जमाल ने एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी थी।