प्रदेश में बिजली संकट अभी बना हुआ है। बृहस्पतिवार को राज्य के ताप बिजलीघरों का उत्पादन 2100 मेगावाट से ऊपर पहुंच गया, लेकिन मांग ज्यादा होने की वजह से इससे कोई खास राहत नहीं मिल पाई।
स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी की वजह से बृहस्पतिवार आधी रात के बाद से औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के बंद होने के बाद लोड में कुछ कमी की संभावना है। जिससे शुक्रवार को आपूर्ति व्यवस्था कुछ सुधर सकती है।
इस बीच, अनपरा की बंद इकाइयों में से 500 मेगावाट क्षमता की एक इकाई को बृहस्पतिवार शाम लाइटअप कर दिया गया। शनिवार से इस इकाई से बिजली का उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
ये रहा मांग और पूर्ति का हाल
बृहस्पतिवार को प्रदेश में बिजली की मांग 13,300 मेगावाट के आसपास रही जबकि अधिकतम उपलब्धता 11,000 रही। बीती रात मांग और उपलब्धता में 2000 मेगावाट से ज्यादा का अंतर होने की वजह से गांवों से लेकर महानगरों तक तीन-चार घंटे तक अतिरिक्त आपात कटौती करनी पड़ी।
लेकिन सुबह से उत्पादन में थोड़ी वृद्धि होने के बाद से ग्रिड पर दबाव कम हुआ। दिन में तो ठीक-ठाक आपूर्ति हुई लेकिन शाम को पीक आवर्स में शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति करने में अभियंताओं के फिर पसीने छूट गए।
पर्याप्त उपलब्धता न होने की वजह से बड़े-छोटे शहरों में दो घंटे आपात कटौती करनी पड़ी। शनिवार तक अनपरा की 500 मेगावाट की इकाई से उत्पादन शुरू हो जाएगा, जिससे बिजली की कमी काफी हद तक पूरी की जा सकेगी।
जापानी विशेषज्ञों को बुलाया गया
पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ए.पी. मिश्र ने बताया कि जनरेटर ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने की वजह से 9 जुलाई से बंद चल रही अनपरा की 500 मेगावाट क्षमता की एक इकाई को बृहस्पतिवार शाम 4.07 बजे लाइटअप कर दिया गया।
48 घंटे में इस इकाई से उत्पादन शुरू हो जाएगा जिससे बिजली की उपलब्धता में लगभग 400 मेगावाट की वृद्धि हो जाएगी।
इस इकाई को चालू करने के लिए जापानी विशेषज्ञों को अनपरा बुलाया गया था। विशेषज्ञों की निगरानी में नया जनरेटर ट्रांसफार्मर लगाकर इकाई को लाइटअप किया गया है।