लखनऊ। राजधानी में विभूति खंड स्थित समिट बिल्डिंग में अमेरिकी लोगों से कथित साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार 119 लोगों को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने सभी गिरफ्तारियों को सही करार देकर कहा कि आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार और कारण रिकवरी मेमो के जरिये बताए गए थे।
न्यायमूर्ति रजनीश कुमार और न्यायमूर्ति बबिता रानी की खंडपीठ ने यह आदेश कैरोलिन खारनायर के पिता और अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। याचिका में आरोपियों की गिरफ्तारी को चुनौती दी गई थी। पुलिस ने 30 जून की रात समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर छापा मारकर वहां कथित तौर पर अवैध कल सेंटर चलाए जाने का खुलासा किया था। मौके से सभी 119 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।