‘हमारी परंपराएं और मूल्य गौरवशाली हैं, हमारी सभ्यता महान है, हमारे संतों-सुधारकों-वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने न केवल उन्हें समृद्ध किया बल्कि संजोए रखा। लेकिन जब उनकी धज्जियां उड़ाई जाती हैं तो उसका असर पूरे समाज, खासकर बच्चों पर बहुत गहरा पड़ता है।
बच्चे इनका मतलब तलाशते हैं। जब वे इनका मतलब पूछते हैं तो बड़ों के लिए जवाब देना मुश्किल हो जाता है।’ हजरतगंज में बसपा के प्रदर्शन के दौरान नेताओं की बदजुबानी पर सख्त रुख अपनाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा जो हुआ वह शर्मनाक, हम मूकदर्शक नहीं बने रह सकते।
जस्टिस अमरेश्वर प्रताप साही और जस्टिस विजय लक्ष्मी की खंडपीठ ने ममता जिंदल की याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रदर्शन में प्रयोग किए शब्दों पर कड़ी नाराजगी जताई।
हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर अवध बार एसोसिएशन के जरिये सभी वरिष्ठ अधिवक्ताओं को आमंत्रित किया है कि वे आगे आएं और कोर्ट को इस मसले पर अपने ईमानदार अभिमत से मदद करें ताकि कोर्ट याचिका में उठाए गए मुद्दे पर वाजिब निर्णय ले सके