कोर्ट में वकीलों के उपस्थित होते समय काला कोट, गाउन व बैंड धारण करने के नियम की वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई अब दूसरी बेंच करेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ की खंडपीठ ने कहा कि याचिका को कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति से जरूरी आदेश लेकर किसी दूसरी बेंच के समक्ष रखा जाए। न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी और न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता अशोक पांडेय की याचिका पर दिया।
याची ने बार काउंसिल के उस नियम को चुनौती दी है, जिसमें यह व्यवस्था की गई है कि वकील कोर्ट में उपस्थित होते समय काला कोट, गाउन व बैंड धारण करेंगे। याची का कहना था कि बार काउंसिल का यह नियम, संसद द्वारा एडवोकेट्स एक्ट के माध्यम से बनाए गए कानून की धारा 49 की उपधारा का उल्लंघन करता है।
संसद ने वकीलों के लिए ड्रेस निर्धारित करने का अधिकार बार काउंसिल को देते समय यह प्रावधान किया था कि इसमें जलवायु का ध्यान रखा जाएगा। मगर बार काउंसिल ने पूरे देश और 12 महीने के लिए एक ही परिधान का निर्धारण कर दिया। याची ने न्यायाधीशों को अधिवक्ताओं के लिए निर्धारित ड्रेस को धारण करने की मनाही किए जाने का आग्रह भी याचिका में किया है।