शहर से डेयरियां हटाने के लिए लंबे समय से कवायद चल रही है। कोर्ट के साथ ही शासन से भी इस संबंध में कई बार आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
डेयरियां हटाने के लिए कुछ दिन पहले अभियान चलाकर जानवर जब्त भी किए गए थे, लेकिन फिर विरोध, प्रदर्शन के बाद अभियान ढीला पड़ गया। यही नहीं जब्त जानवरों की नीलामी भी कराई गई, लेकिन यह भी प्रतीकात्मक होकर ही रह गई।
हटाने के बाद फिर बस रहीं डेयरियां
हटाए जा रहे डेयरी संचालक कुछ समय बाद फिर शहर में लौट आ रहे हैं। इसके लिए डेयरी संचालकों को विस्थापित करने की मांग भी लंबे समय से उठ रही है। इसी क्रम में बहुत पहले कैटिल कॉलोनी बनाकर कुछ डेयरी संचालकों को शिफ्ट कराया गया था, लेकिन बाद में फिर शहर में डेयरी संचालक बढ़ गए।
वहीं, कुछ समय पहले कैटिल कॉलोनी बनाने के लिए आवास विकास, एलडीए से जमीन भी मांगी गई थी, लेकिन इसका इंतजाम नहीं हो सका।