- आवंटी की शिकायत व उसके साथ संलग्न दस्तावेज का ऑनलाइन ही रेरा के स्तर पर परीक्षण किया जाएगा।
- शिकायतों में कमियों की सूचना आवंटी को ई-मेल से भेजी जाएगी और 15 दिन में जवाब मांगा जाएगा।
- कमियां दूर कर जवाब भेजने के बाद ही शिकायत दर्ज होगी।
- नियत समय में कमियां दूर न करने पर उस शिकायत को ‘डिफेक्टिव शिकायत’ में दर्ज किया जाएगा।
- शिकायत दर्ज करने के साथ ही बिल्डर को नोटिस भेजा जाएगा। इसकी कॉपी शिकायतकर्ता को भेजी जाएगी।
- नोटिस का जवाब देने के लिए बिल्डर को भी 15 दिन का समय दिया जाएगा।
- तय समय में जवाब न देने पर पुन: रिमाइंडर भेजा जाएगा, जिसके लिए 7 दिन का समय दिया जाएगा।
- इसके बाद भी बिल्डर का जवाब नहीं मिला तो उसके अवसर को समाप्त कर दिया जाएगा।
- यदि बिल्डर भी शिकायत पर आपत्ति दर्ज कराता है तो शिकायतकर्ता को भी 7 दिन में जवाब दाखिल करना होगा।
- नोटिस में ही सुनवाई व बहस की तारीख अंकित रहेगी। अधिकतम 30 दिन के भीतर ही कार्यवाही पूरी की जाएगी।
- दोनों पक्षों की आपत्ति व प्रति आपत्ति व बयान आदि भी ई-कोर्ट के माध्यम से ही ली जाएंगी।
- सुनवाई की अंतिम तिथि पर ही पक्षकारों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। शुरुआती सुनवाई में उपस्थित नहीं होना है।
- डिजिटली हस्ताक्षर युक्त आदेश वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।