गाजीपुर के इंदिरानगर निवासी हाइकोर्ट के अधिवक्ता दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के अलावा आशियाना की सविता पाठक उसकी बेटी अनन्या समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सविता वही है जिसने गायत्री पर रेप का आरोप लगाते हुए 2017 में केस किया था। दिनेश त्रिपाठी सविता की तरफ से केस लड़ रहे थे।
त्रिपाठी का कहना है कि फरवरी 2019 में सविता ने गायत्री और अन्य अभियुक्तों को जेल से छुड़ाने के लिए उनके पक्ष में शपथ पत्र लगाने को कहा। मना करने पर सविता भड़क गई और धमकाया की फीस नहीं देंगे और रेप का मुकदमा दर्ज कर देंगे। इसके बाद सविता ने दूसरे अधिवक्ताओं को नियुक्त कर लिया।
त्रिपाठी का कहना है की गायत्री के लोग उससे मिलने आते थे और पैसे व प्लाट देने की बात करते थे। उनका ये भी आरोप है कि सविता ने मुकदमे में पक्षद्रोही होने के लिए पूर्व मंत्री से काफी मोटी रकम, 2 मकान और 2 प्लाट लिए। जिस पर अधिवक्ता ने विरोध किया। इन बातों से नाराज होकर सविता ने जून 2019 को त्रिपाठी के खिलाफ चित्रकूट में एफआईआर कराई जिसमे पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। दिसंबर 2019 को भी उनके खिलाफ पूर्व मंत्री की मिली भगत से सविता ने गौतमपल्ली में एक एफआईआर कराई।
त्रिपाठी का कहना है कि सविता ने अपनी बेटी अनन्या के बयान गायत्री के पक्ष में देने के लिए जुलाई 2019 को आशियाना में एक मकान लिया जिसकी कीमत 1.5 करोड़ रुपये थी। सविता ने कई बार जेल के अंदर से फोन पर पूर्व मंत्री से त्रिपाठी की बात कराई। फोन पर गायत्री कहते थे कि तुम वकील हो शांत रहो अपनी वकालत करो मति जेल से छूट कर तुमको भी पैसे दूंगा मेरा बयान होने दो। अगर इसमें दिक्कत करोगे तो जब भी बाहर निकलूंगा तुम्हारी हत्या कर दूंगा। सविता भी ऐसी ही धमकी देती थी। इन्ही वजहों से मार्च 2019 से त्रिपाठी में सविता में मुकदमे में पैरवी बन्द कर दी। त्रिपाठी का कहना है कि जब से पूर्व मंत्री की जमानत हुई है तबसे अनजान लोग मेरी गाड़ी का पीछा करते रहते है। जान से मारने और फर्जी मुकदमे में फसाने की धमकी देते हैं। मेरी सुरक्षा की जाए।