अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सीबीआई विशेष कोर्ट में सोमवार से रोजाना सुनवाई होगी। इसमें सीबीआई द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर भाजपा के कई बड़े नेताओं पर आरोप तय किए जाने हैं।
19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में मामले का ट्रायल एक महीने के भीतर शुरू करते हुए रोजाना सुनवाई करने को कहा था। शीर्ष अदालत ने विशेष सीबीआई कोर्ट को दो साल में निर्णय देने के लिए कहा था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भाजपा के प्रमुख नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती पर सीबीआई विशेष कोर्ट में ट्रायल चलाया जाना है।
ट्रायल चलाने की सीबीआई की अर्जी को मंजूर करते हुए दिए सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में विवादित ढांचा विध्वंस को देश के संविधान के धर्मनिरपेक्ष तत्व को झकझोर देने वाला अपराध बताया था।
सुप्रीम कोर्ट ने ढांचा विध्वंस के समय यूपी के मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह को मौजूदा समय में राजस्थान के राज्यपाल पद पर होने की वजह से ट्रायल से मुक्त रखा है।
राज्यपाल पद छोड़ने पर तय होगा ट्रायल
कल्याण सिंह
हालांकि कोर्ट ने आदेश में कहा था कि राज्यपाल पद छोड़ने पर ट्रायल कोर्ट उन पर आरोप तय करेगा। वहीं गिरिराज किशोर और अशोक सिंघल की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा फरवरी 2001 के निर्णय में आडवाणी व अन्य पर आरोप हटाने के निर्णय को त्रुटिपूर्ण माना था।
जज का नहीं होगा ट्रांसफर
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देशों में साफ किया था कि रायबरेली से लखनऊ ट्रांसफर होने के बाद ट्रायल रोजाना चलेगा। सुनवाई पूरी होने तक संबंधित जज का ट्रांसफर भी नहीं किया जाएगा। जब तक सेशन कोर्ट किसी खास तारीख पर यह न माने कि ट्रायल करना संभव नहीं है, तब तक ट्रायल हरगिज स्थगित नहीं होगा।
किसी तारीख पर ट्रायल स्थगित होता भी है तो इसकी वजह बताई जाएगी और अगली ही तारीख पर इसे फिर से जारी रखा जाएगा। सीबीआई को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर तारीख पर साक्ष्य दर्ज होने हैं, ऐसे में अभियोजन पक्ष के गवाह उपस्थित रहें।
सीबीआई ने 25 साल लंबित रखा केस
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीसी घोष और जस्टिस आरएफ नरीमन ने सीबीआई को मामले का ट्रायल 25 साल से लंबित रखने के लिए लताड़ लगाई थी। देरी के लिए सीबीआई को जिम्मेदार माना गया क्योंकि उसने संयुक्त ट्रायल में आरोपियों को शामिल नहीं करवाया।
राज्य सरकार ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। इस मामले में आडवाणी और पांच अन्य पर दर्ज अपराध का ट्रायल विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रायबरेली से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (अयोध्या मामले) लखनऊ को ट्रांसफर किया गया।
वहीं विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, विष्णु हरि डालमिया पर भी षड्यंत्र रचने के आरोप तय किए जाएंगे।इनका ट्रायल रायबरेली में चल रहा था।
चंपत राय बंसल, सतीश प्रधान, धर्म दास, महंत नृत्यगोपाल दास, महामंडलेश्वर जगदीश मुनि, रामबिलास वेदांती, वैकुंठलाल शर्मा और सतीश चंद्र नागर पर सीबीआई की ओर से दाखिल संयुक्त चार्जशीट के आधार पर ट्रायल कोर्ट को षड्यंत्र और आईपीसी की अन्य धाराओं में भी आरोप तय करने होंगे।