केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी।
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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी को हत्या के एक मामले में मिली जमानत निरस्त करने की गुजारिश वाली अर्जी पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में अब 27 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। टेनी के अधिवक्ता ने कोर्ट से सर्वोच्च न्यायालय में द्वारा विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई के बाद ही राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई की गुजारिश की जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
मंगलवार को जब मामला सुनवाई के लिए आया तो अजय मिश्र टेनी के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि स्थानांतरण प्रार्थना पत्र को खारिज किए जाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा व न्यायमूर्ति रेनू अग्रवाल की खंडपीठ ने अर्जी पर अगली सुनवाई 27 सितंबर को नियत किया है। अर्जी में कहा गया कि अजय मिश्रा उर्फ टेनी की दोषमुक्त करने के निर्णय के खिलाफ दाखिल राज्य सरकार की अपील की सुनवाई में उनकी ओर से सहयोग नहीं किया जा रहा है लिहाजा उनके बॉंड को निरस्त किया जाए।
पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने पाया था कि सरकार की अपील पर सुनवाई के लिए पहले ही छह सितंबर की तारीख लगी है ऐसे में कोर्ट ने इस अर्जी को भी छह सितम्बर को अपील के साथ ही पेश करने का आदेश दिया था। गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी के तिकुनिया थाना क्षेत्र में वर्ष 2000 में एक युवक प्रभात गुप्ता की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अन्य अभियुक्तों के साथ-साथ अजय मिश्रा उर्फ टेनी भी नामजद थे। मामले के विचारण के पश्चात लखीमपुर खीरी की एक सत्र अदालत ने अजय मिश्रा व अन्य को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में 2004 में बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ 2004 में ही राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर दी थी।