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मेडिकल इन्फेक्शन रोकने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए: अपर मुख्य सचिव गृह

Tue, 28 Apr 2020 08:39 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी - फोटो : amar ujala
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अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोरोना संक्रमण तथा मेडिकल इन्फेक्शन को रोकने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने बायो-मेडिकल वेस्ट का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।

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उन्होंने कहा है कि जनपद स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नर्सिंग होम के संचालकों तथा अन्य डॉक्टरों के साथ बैठक करते हुए टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराने वाले डॉक्टरों की व्यवस्था करें। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि दूरभाष पर मरीजों को परामर्श देने वाले डॉक्टरों की सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए।

प्रत्येक जनपद में 15,000 से 25,000 क्षमता के क्वारंटीन सेंटर और आश्रय स्थल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शेल्टर होम में 14 दिन की संस्थागत क्वारंटीन पूरा करने वालों का चिकित्सीय परीक्षण कराके होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए। मेडिकल टेस्टिंग के लिए पूल टेस्टिंग व रैंडम टेस्टिंग का उपयोग किया जाए।
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जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी एल-1, एल-2 तथा एल-3 कोविड चिकित्सालयों, शेल्टर होम व क्वारंटीन सेन्टर का निरीक्षण करें। शेल्टर होम व क्वारंटीन सेन्टर की फूडिंग लॉजिंग व्यवस्था पर नजर रखी जाए। उन्होंने कहा है कि शेल्टर होम को जियो टैग किया जाए।

चालू की गईं औद्योगिक इकाइयों में 1.33 लाख श्रमिक कार्यरत

अपर मुख्य सचिव गृह के अनुसार, प्रदेश के हॉटस्पॉट क्षेत्रों को छोड़कर वर्तमान में 7,425 औद्योगिक इकाईयों को क्रियाशील किया गया है, जिनमें लगभग 1.33 लाख श्रमिक कार्यरत है। यूपीडा द्वारा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना पर 5141 श्रमिक, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना में 4481 श्रमिक व गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना में 502 श्रमिक कार्य कर रहे हैं।

लोक निर्माण विभाग द्वारा 225 कार्यों को प्रारम्भ किया गया है, जिसमें 4851 श्रमिक कार्यरत है। ग्रामीण पेयजल आपूर्ति की 78 परियोजनाओं का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है, जिसमें 666 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। 32,345 कामन सर्विस सेन्टर में 64690 व्यक्ति कार्यरत है।

प्रदेश में कार्यशील 12,027 ईंट-भट्ठों पर लगभग 12 लाख श्रमिक कार्यरत हैं। मनरेगा के श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। 24,567 ग्राम पंचायतों में संचालित परियोजनाओं में 6,25,361 अकुशल श्रमिक कार्यरत हैं और 51919 कार्य मस्टररोल पर प्रारम्भ हो चुके हैं।

वर्तमान पेराई सत्र में 38 चीनी मिलों ने आवंटित क्षेत्र में समस्त गन्ने की पेराई कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस सत्र में अब तक लगभग 16,689 करोड़ रूपए का गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जा चुका है।
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अब तक सात जिले हो चुके हैं कोरोना मुक्त

वहीं, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के समस्त जनपदों में इन्फेक्शन प्रिवेन्शन प्रोटाकॉल का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी गई है, जिसमें डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, आईएमए एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल हैं।

प्रदेश के 60 जिलों से अब तक 2043 कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आए हैं, जिसमें से 53 जनपदों में 1612 मामले एक्टिव हैं। प्रदेश के 15 जनपदों में कोरोना संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया है तथा वर्तमान में 7 जनपद कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गये हैं। उन्होंने बताया कि अब तक400 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं।

प्रदेश में अब तक लगभग 64 हजार लोगों के सैंपल टेस्ट किये गये हैं। 1764 लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है, कोई भी मरीज वेंटिलेटर पर नहीं है। 11,725 लोगों को फैसिलिटी क्वारंटीन में रखा गया है।
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