अप्रैल में कोरोना मरीजों को अस्पताल में बेड तक नहीं मिल पाया था। उनकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड रही। वहीं, बिना अस्पताल पहुंचे ही कई मरीजों की जान चली गई, जिनका रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। ऐसे में विभाग एक-एक करके सभी को कॉल कर मरीज का ब्योरा जुटा रहा है, ताकि डेथ ऑडिट किया जा सके।
सीएमओ डॉ. संजय भटनागर का कहना है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों के जरिये कॉल करके मरीज की जानकारी ली जा रही है। इससे कोई समस्या होने पर पोस्ट कोविड अस्पताल में भर्ती कराने संग इलाज दिलाया जा सके।