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स्वास्थ्य बीमा कार्ड के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा

Sat, 11 Jan 2014 09:15 AM IST
मनीष कुमार सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
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सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा कार्ड योजना की तर्ज पर निजी कंपनी द्वार फर्जी स्वास्थ्य कार्ड जारी करने का खुलासा हुआ है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में कंपनी ने अब तक 350 से अधिक लोगों को फर्जी स्वास्थ्य कार्ड देकर हजारों रुपये की वसूली की है। उधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जैसे ही इसकी भनक लगी उनके

हाथ-पांव फूल गए। मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है और पुलिस में कंपनी के खिलाफ लिखित शिकायत करने का मन बनाया गया है।

सोमवार को गोसाईंगंज के तीन गांवों में फर्जी स्वास्थ्य कार्ड बनाने के नाम पर वसूली करने का खुलासा तब हुआ जब सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तह कार्ड बनवाने के लिए आईसीआईसीआई लोंबार्ड बैंक के प्रतिनिधि विजय शुक्ला ग्रामीणों का ब्यौरा एकत्र करने पहुंचे।
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जानकारी के मुताबिक, आईसीए हेल्थ एंड एनवायर्नमेंटल सोसाइटी ‘हेल्थ क्लब’ पिछले काफी समय से गोसाईंगंज के मोहारीखुर्द, भवानीखेड़ा, मोहराकला और नदीखेड़ा में कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य कार्ड बना रही थी।

मोहारीखुर्द के ग्राम प्रधान संजीव लाल यादव ने बताया कि कंपनी की तरफ से बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य कार्ड जारी करने के लिए कैंप लगाया गया था।

जिसमें 100 से अधिक लोगों ने अपना स्वास्थ्य कार्ड बनवाया। इसके तहत परिवार के मुखिया की फोटो के साथ पीले रंग के पांच पन्ने का कार्ड जारी किया गया।

इसमें परिवार के सदस्यों का नाम जोड़ने के लिए प्रति सदस्य तीस रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा तीन अन्य गांवों में 250 से अधिक लोगों को फर्जी कार्ड जारी किए जाने की सूचना मिली है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जैसे ही इस बारे में पता चला, उन्होंने तुरंत कंपनी के टोल फ्री नंबर पर फोन किया, लेकिन कोई भी अधिकारियों के सवालों का जवाब नहीं दे सका।

इसके बाद सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित करने का आदेश जारी किया। वहीं, कंपनी के खिलाफ प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और एसएसपी से लिखित शिकायत करने की बात कही है।

इलाज के नाम पर वसूली
फर्जी कार्ड बनाने के बाद अधिकारियों को अंदेशा है कि ये काम उन अस्पतालों का है, जो मरीजों के साथ आए दिन लूट-खसोट करते रहते हैं।

कार्ड पर किसी अस्पताल का नाम नहीं लिखा है, जहां कार्ड धारक जाकर मुफ्त इलाज ले सकें। अगर किसी को इलाज की आवश्यकता पड़ती है तो वह कंपनी के टोल फ्री नंबर पर फोन करता है।

उसके बाद कंपनी के कर्मचारी उसे क्षेत्र के अस्पताल में पहुंचने की बात कहते हैं। जब पीड़ित अस्पताल पहुंचता है तो उसे इलाज की दोगुनी कीमत बताकर इलाज शुरू होता है।

इसके बाद कार्ड की सुविधा का हवाला देकर इलाज के नाम पर खर्च हुई राशि की आधी रकम वसूल ली जाती है।

कंपनी ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
कंपनी ने दिल्ली के लिए हेल्पलाइन नंबर 09811243551 और लखनऊ के लिए 9839501974 जारी किया है। इसमें दिल्ली का हेल्पलाइन नंबर बंद पड़ा है।

कार्ड के पिछले हिस्से पर लखनऊ, वाराणसी और दिल्ली में हेल्प काउंटर के पते दर्ज हैं। राजधानी लखनऊ में कंपनी का हेल्प काउंटर 154/01 चंदर नगर आलमबाग में है। दिल्ली में एफ-12 फर्स्ट फ्लोर मेन समसापुर रोड पांडव नगर लिखा गया है।

स्वास्थ्य विभाग से अनुमति नहीं
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य कार्ड को जारी करने के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग या स्वास्थ्य मंत्रालय से अनुमति लेनी पड़ती है।
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अनुमति लेने के बाद ही कंपनी को पंजीकरण नंबर के साथ उसके लिए नियम एवं शर्तें लगाई जाती हैं। आईसीए हेल्थ एंड एनवायर्नमेंटल सोसाइटी ‘हेल्थ क्लब’ की तरफ से इस प्रकार की किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई है।
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