फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुना है क्या: दिल्ली में चाहिए बीएमडब्ल्यू, साहब के बंगले में रहस्यमयी आवाजें; साहब के बंगले में रहस्यमयी आवाज

Thu, 11 Jun 2026 01:27 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...
विज्ञापन
सुना है क्या/suna hai kya - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...
विज्ञापन


 

दिल्ली में चाहिए बीएमडब्ल्यू

एक सीनियर आईएएस अधिकारी यूं तो राजधानी में बड़ी सादगी से रहते हैं। लोगों से ज्यादा मिलना-जुलना भी पसंद नहीं करते। पेज थ्री पार्टियों से भी दूरी बनाए रहते हैं लेकिन जब दिल्ली जाते हैं तो रंग और ढंग अलग दिखते हैं। 

उनको एयरपोर्ट पर सरकारी गाड़ी नहीं, बीएमडब्ल्यू की दरकार रहती है। होटल भी फाइव स्टार के नीचे वाला नहीं भाता है। बाकी उनकी मस्तमिजाजी के किस्से बीते दिनों खासी चर्चा में रह चुके हैं।

 

साहब के बंगले में रहस्यमयी आवाजें

सड़क वाले साहब के बंगले में रात में आवाजें आती हैं। अधिकतर 12 बजे या उसके बाद। इतना भर तो साहब लंबे समय से इग्नोर कर रहे थे। हाल में ऐसी घटना हुई कि साहब की नींद उड़ी हुई है। रात में अचानक उनके कमरे का दरवाजा झटके के साथ खुल गया। 

देखा गया तो आसपास कोई नहीं था। अब इसकी वजह...जितने मुंह, उतनी बातें। कुछ का कहना है कि सही उपाय तो कोई ज्योतिषी या तंत्र-मंत्र का जानकार ही बता सकता है।

 

विज्ञापन

पूरी नहीं हुई फरमाइश

प्रदेश में गोल बिल्डिंग वाले एक सरकारी विभाग में पिछले दिनों एक अधिकारी ने पदभार ग्रहण किया लेकिन उन्हें केबिन पसंद नहीं आया। दरअसल, बिल्डिंग के कुछ खास अधिकारियों के केबिन को संवारा गया है जबकि बाकियों के बेहद साधारण हैं। 

नए अधिकारी महोदय ने अपने केबिन के लिए उच्चाधिकारी से कंप्यूटर की बड़ी स्क्रीन, सोफा और बेड की मांग कर दी। बड़े साहब से अनुरोध करने के बाद अधिकारी महोदय कुछ दिनों के अवकाश में चले गए। अभी दो दिन पहले महोदय वापस लौटे लेकिन अभी तक उनकी फरमाइश पर सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें