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अखिलेश की एक और योजना पर लगा ब्रेक, गर्भवती महिलाओं को खाना खिलाना बंद

Wed, 05 Jul 2017 01:18 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : amar ujala
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 यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अखिलेश यादव शासनकाल की एक और योजना पर ब्रेक लगा दिया है। गरीब परिवारों की गर्भवती महिलाओं को गर्मागर्म खाना खिलाने की अखिलेश की योजना यूपी सरकार ने बंद कर दी है।
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इस योजना में सरकार के पास गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। यूपी में महिलाओं व बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए अखिलेश ने हौसला पोषण फीडिंग योजना शुरू की थी।

इसमें यूपी की करीब 10 लाख गर्भवती महिलाओं को दोपहर का खाना परोसा जा रहा था। सरकार ने इस योजना का बजट 700 करोड़ रुपये रखा था। राज्य पोषण मिशन को खाना परोसने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
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इस योजना के तहत गांव में ग्राम प्रधान व शहरों में पार्षद के साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का संयुक्त खाता खोला जाता था। आंगनबाड़ी केंद्रों में ही गर्भवती महिलाओं व बच्चों को खाना खिलाया जाता था।

 
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हर महिला के लिए 19 रुपये प्रतिदिन था बजट

डेमो - फोटो : demo pic
जुलाई 2016 में शुरू हुई यह योजना निगरानी ठीक न होने के कारण कुछ समय बाद से ही गड़बड़ा गई। खुद अखिलेश यादव ने भी इसमें हो रही गड़बड़ी पर नाराजगी जताई थी।

उन्होंने अफसरों को योजना की हकीकत परखने के निर्देश दिए थे। इसी बीच यूपी में योगी सरकार आ गई। सरकार के पास जब इस योजना की शिकायतें मिलीं तो उन्होंने इस योजना पर ही ब्रेक लगा दिया। सरकार ने इस योजना में खाना खिलाने के लिए बजट जारी नहीं किया।

हौसला पोषण फीडिंग योजना में महिलाओं के लिए 19 रुपये, जबकि बच्चों के खाने के लिए 14 रुपये प्रतिदिन का बजट था। महीने में छुट्टियां हटाकर 25 दिन महिलाओं को खाना खिलाने पर 550 करोड़ रुपये का बजट था, जबकि बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार सहित अन्य पौष्टिक आहार देने के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित था।
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