पीड़ित परिवार ने अपनी जान का खतरा बताया था जिस पर पीड़िता के गांव में भारी भरकम सुरक्षा बल तैनात किया गया है। एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि परिवार की सुरक्षा के लिए घर पर 66 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और आठ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
पीड़ित परिवार को सुबह करीब 11 बजे लखनऊ लाया गया। जहां उन्हें भारी सुरक्षा के बीच उत्तरखंड भवन में ठहराया गया। दरअसल, मामले की चर्चा पूरे देश में होने के बाद सभी की नजरें इस पर लगी हुई हैं। पीड़िता की लाश को परिजनों के विरोध के बावजूद आधी रात को जला देने से पूरा प्रशासनिक महकमा सवालों के घेरे में आ गया है।