इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हाथरस मामले में पीड़िता के परिवार को राहत के मुद्दों पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को नियत की है। मामले में शुक्रवार को पूरक जवाबी हलफनामा दाखिल किया गया। कोर्ट ने राज्य सरकार के वकील के आग्रह पर मुद्दों संबंधी निर्देश (जानकारी) सरकार से लेने को केस को 6 जनवरी को सूचीबद्ध करने को कहा है। न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने शुक्रवार को यह आदेश हाथरस मामले में स्वत: संज्ञान द्वारा ‘गरिमापूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार के अधिकार’ शीर्षक से कायम जनहित याचिका पर दिया। सुनवाई के समय पक्षकारों के अधिवक्ता पेश हुए।
इससे पहले राज्य सरकार की तरफ से राहत योजना संबंधी अधिसूचनाओं व शासनादेशों को पेश किया गया था। कोर्ट ने इन्हें रिकार्ड पर लेकर पीड़िता के परिवार की अधिवक्ता को राहत मामले में हलफनामा दाखिल करने का समय दिया था। पहले सुनवाई के दौरान पीड़िता के परिवार की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा ने कोर्ट को बताया था कि परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा मिल चुका है। वहीं मामले में न्यायमित्र अधिवक्ता ने अदालत को बताया था कि संबंधित अधिनियम व इसके तहत बने विनियम के तहत मृतक के आश्रित को पांच हजार रुपये पेंशन, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, कृषि भूमि, मकान व स्नातक तक की पढ़ाई का खर्च इत्यादि दिए जाने का प्रावधान है। हालांकि मकान, नौकरी अथवा पेंशन का लाभ परिवार को नहीं दिया गया है। कोर्ट ने पीड़िता के परिवार को राहत के मुद्दों पर सुनवाई करने को कहा था।