हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की रैलियों की डिमांड बढ़ती जा रही है। बसपा ने कई जिलों में मायावती की रैलियों का कार्यक्रम तय करना शुरू कर दिया है। इसमें अंबाला, पलवल, सिरसा और जींद शामिल हैं।
इन रैलियों की तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी। जम्मू-कश्मीर में भी मायावती चुनावी जनसभाओं को संबोधित करेंगी। दरअसल, दोनों राज्यों में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) बसपा को कड़ी चुनौती पेश कर रही है। इससे दलित वोट बैंक में बंटवारे की संभावना है।
खासकर हरियाणा में बसपा-इनेलो गठबंधन के लिए मुश्किल का सबब बन सकता है। यही वजह है कि वोट हासिल करने के लिए लुभावनी घोषणाओं से दूर रहने वाली बसपा हरियाणा में बेरोजगारी भत्ता, महिलाओं को रसोई खर्च के पैसे, हर माह मुफ्त सिलेंडर जैसी योजनाओं के जरिये वोटरों को लुभा रही है।
आजाद समाज पार्टी ने हरियाणा में जननायक जनता पार्टी के साथ गठबंधन किया है। दोनों गठबंधन के प्रत्याशियों की घोषणा भी की जा रही है। बसपा ने हरियाणा चुनाव की कमान नेशनल को-आर्डिनेटर आकाश आनंद को सौंप रखी है तो आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद खुद मोर्चा संभाले हैं। इसमें बसपा के पूर्व एमएलसी सुनील चित्तौड़ अहम भूमिका निभा रहे हैं। चित्तौड़ हरियाणा और पश्चिमी उप्र में बसपा नेताओं को तेजी से आजाद समाज पार्टी के साथ जोड़ रहे हैं।