एक सकारात्मक संदेश जा रहा है कि महामारी काल में भी छात्र व अभिभावक पढ़ाई और परीक्षा को लेकर गंभीर हैं। राजकीय जुबली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य धीरेंद्र ने बताया कि गुरुवार को छमाही परीक्षा का पहला दिन था।
कुल 1177 में से 958 छात्र उपस्थित रहे। अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य साहेब लाल मिश्रा ने बताया कि उनके यहां ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों मोड में परीक्षाएं कराई जा रही हैं। इसलिए छात्र ऑनलाइन में ज्यादा बैठ रहे हैं।
प्रश्न पेपर मोबाइल पर भेजा जाता है और निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए कहा जाता है। बाद में छात्रों के अभिभावक स्कूल आकर उत्तर पुस्तिका जमा कर जाते हैं। तीन अलग-अलग समय पर परीक्षाएं कराई जा रही है।
स्कूलों के अनुसार बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों के विभिन्न विषयों के 70 प्रतिशत से ज्यादा पाठ्यक्रम पूरा करा लिया गया है। बोर्ड ने तीस प्रतिशत तक पाठ्यक्रम में कटौती की है, जिससे पाठ्यक्रम जल्दी पूरा करने में मदद मिली है।
अब विज्ञान, गणित, भौतिक विज्ञान जैसे विषयों के पाठ्यक्रम को पूरा कराने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. वंदना तिवारी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान टीवी पर जो वीडियो लेक्चर प्रसारित करने का कार्यक्रम शुरू हुआ उससे छात्रों को काफी मदद मिल रही है।
प्रधानाचार्य धुरेन्द्र ने बताया कि उनके यहां अधिकतर विषयों के 80 प्रतिशत तक पाठ्यक्रम को पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि समय से पूरा पाठ्यक्रम खत्म कर रिवीजन करने का समय मिलेगा, जिसमें छात्र जमकर अभ्यास कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम में कटौती की वजह से जल्दी पूरा करने में सहायता मिल रही है। साहेब लाल मिश्रा ने बताया कि 60 प्रतिशत से ज्यादा पाठ्यक्रम पूरा कर लिया गया है। गणित व प्रैक्टिकल वाले विषयों के ही पाठ्यक्रम बचे हैं।
यूपी बोर्ड ने कोरोना को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत तक की कटौती की है। यह कटौती जुलाई के महीने में ही कर दी थी। अभी 15 से 20 तक की कटौती और की जा सकती है। शिक्षकों के अनुसार इसका प्रस्ताव पहले ही तैयार कर लिया गया था।
वरिष्ठ प्रवक्ता वह पाठ्यक्रम समिति की सदस्य डॉ. वंदना तिवारी ने बताया कि बोर्ड ने उस दौरान ही 50 प्रतिशत तक पाठ्यक्रम में कटौती का प्रस्ताव हम शिक्षकों से लिया था। बाद में 30 प्रतिशत तक की कटौती की गई। यदि वे 15 से 20 प्रतिशत तक करेंगे तो उसी प्रस्ताव के अनुसार ही करेंगे।