लखनऊ। आशियाना के बंगला बाजार के देवीखेड़ा में रहने वाले निजी कंपनी के कर्मचारी ज्ञानेंद्र सिंह की शराब के नशे में हुए विवाद में हत्या की गई थी। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ज्ञानेंद्र सिंह का शव बृहस्पतिवार रात सालेहनगर चौराहे के पास उनकी कार में पिछली सीट पर पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट लगने से मौत की बात सामने आई थी। ज्ञानेंद्र मूल रूप से बाराबंकी के खीरो बरहा गांव के निवासी थे।
पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर ने बताया कि ज्ञानेंद्र सिंह के भाई शशिवेंद्र सिंह की तहरीर शनिवार सुबह अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की तो भदरूख के पास ज्ञानेंद्र सिंह पांच अगस्त की सुबह एक शराब ठेके के पास नजर आए। सर्विलांस और फुटेज की मदद से पुलिस को आशियाना बंगला बाजार भदरूख निवासी सचिन और प्राइवेट चालक जितेंद्र के बारे में पता चला। दोनों का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने मिलकर ज्ञानेंद्र सिंह की हत्या करने की बात कबूल ली। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। आरोपी सचिन के खिलाफ पहले से आशियाना थाने में वर्ष 2015 में लूट का एक मामला दर्ज है।
कार में शव रखकर पूरे दिन घूमे आरोपी
पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि पांच अगस्त की सुबह भदरूख स्थित शराब के ठेके पर दोनों ने शराब ली। इस बीच कार सवार ज्ञानेंद्र भी शराब लेने पहुंचे। तीनों ने ठेके के पास ही सड़क किनारे शराब पी। इस दौरान दोनोें के बीच विवाद शुरू हुआ और मारपीट भी हुई। ज्ञानेंद्र जैसे ही कार में बैठने लगे आरोपियों ने उन्हें घसीट लिया। नशे में सड़क पर गिरने से ज्ञानेंद्र सिंह के सिर पर चोट लगी और उनकी मौत हो गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने उनके शव को कार की पिछली सीट पर रखा। पूरे दिन आरोपी कार में ज्ञानेंद्र का शव लेकर घूमते रहे। घटना के बाद भी आरोपियों ने एक-दो बार शराब खरीदकर पी। देर रात होने पर आरोपी सालेहनगर के पास कार में ही ज्ञानेंद्र सिंह का शव छोड़कर भाग गए।