कहा कि पार्टी नेतृत्व ने विधानसभा चुनाव से पहले आश्वस्त किया था कि समाज का सम्मान बनाए रखा जाएगा, लेकिन समाज के किसी व्यक्ति को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उन्होंने चेतावनी दी कि गुर्जर समाज ने कभी अन्याय नहीं सहा है। राष्ट्रहित और न्याय के लिए दिल्ली का तख्त भी हिलाया है।
अमरोहा से भाजपा सांसद कंवर सिंह तंवर ने कहा कि समाज ने शत-प्रतिशत वोट भाजपा को दिया। इसके बावजूद कैबिनेट में गुर्जर समाज का कोई प्रतिनिधि नहीं है। समाज को सम्मान मिलेगा, तभी 2019 में देश में गुर्जर भाजपा का साथ देंगे।
विधायक नंदकिशोर गुर्जर, सोमेंद्र तोमर, प्रदीप चौधरी ने भी गुर्जर समाज को मंत्रिमंडल में स्थान न देने पर नाराजगी जताई। वक्ताओं ने उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य से गुर्जरों को विमुक्त जाति में शामिल करने की मांग भी उठाई।
दो दिन पहले जाट समाज के सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य की मौजूदगी में सांसद बाबूलाल ने जाट आरक्षण व एससी-एसटी एक्ट को लेकर पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा था। जाट समाज से वादाखिलाफी को लेकर नाराजगी जताई थी।
पश्चिमी यूपी की आबादी में शामिल दो बड़ी पिछड़ी जातियों जाट और गुर्जर का भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधना लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भगवा टोली की चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।