बैठक में आजाद ने सपा-बसपा का नाम लिए बिना कहा कि जब दो दुश्मन एक हो सकते हैं, तो कांग्रेस के भीतर भी टकराव खत्म हो सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव में गठबंधन के इच्छुक दलों को दो-चार सीटें दे सकती है।
बैठक में सांसद डॉ. संजय सिंह, पूर्व सांसद प्रमेाद तिवारी, कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू, विधायक आराधना मिश्रा भी मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं के साथ गुलाम नबी आजाद।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर की मौजूदगी में कई जिलों के कद्दावर नेता कांग्रेस में शामिल हुए। मुरादाबाद पश्चिम से दो बार विधायक रहे मेजर जेपी सिंह ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
गोरखपुर निवासी और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी कुश सौरभ, एटा से बसपा के जोनल कोऑर्डिनेटर नूर मोहम्मद खान और सीतापुर के हाजी सिराज व मो. कलीम ने भी अपने साथियों के साथ कांग्रेस ज्वाइन की।