फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: डीजीएमई पद पर आईएएस के बजाय डॉक्टर की तैनाती को लेकर बढ़ी लामबंदी, वरिष्ठता पर भेजी गई अनापत्ति

Sun, 06 Sep 2026 11:47 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी में डीजीएमई पद पर आईएएस के बजाय डॉक्टर की तैनाती को लेकर लामबंदी बढ़ गई है। इस पर प्रधानाचार्य एकराय हैं। ज्यादातर ने दूसरे ही दिन वरिष्ठता पर अनापत्ति भेज दी है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
docter demo - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी में चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक (डीजीएमई) पद पर आईएएस के बजाय राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य की तैनाती को लेकर लामबंदी बढ़ रही है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ज्यादातर प्रधानाचार्यों ने दूसरे ही दिन वरिष्ठता सूची पर अनापत्ति दे दी है। पूरे मामले में हाईकोर्ट में 16 सितंबर को सुनवाई है। इसके बाद तस्वीर साफ होगी।

विज्ञापन


दरअसल, डीजीएमई पद पर चिकित्सक की तैनाती के बजाय आईएएस को तैनात करने को लेकर विवाद चल रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने इस पद पर आईएएस की तैनाती को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस पर हाईकोर्ट ने प्रधानाचार्यों को प्रोन्नति देने का निर्देश दिया। इसका पालन नहीं होने पर प्रधानाचार्यों ने अवमानना याचिका दायर की। 

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रधानाचार्यों की वरिष्ठता सूची जारी करते हुए सभी से सात दिन में अनापत्ति मांगी गई है। सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे पर सभी प्रधानाचार्य एकराय हैं। उनका तर्क है कि हर हाल में डीजीएमई पद पर प्रधानाचार्य की तैनाती होनी चाहिए। ज्यादातर प्रधानाचार्यों ने शनिवार को अनापत्ति भेज दी है।

यह है मामला

प्रदेश में डीजीएमई पद पर राजकीय मेडिकल कालेज के उस प्रधानाचार्य को प्रोन्नति देकर तैनात करने का नियम है जो आयोग से चयनित हो और वरिष्ठतम हो। वर्ष 2023 में नियमावली में बदलाव किया गया। व्यवस्था दी गई कि प्रधानाचार्य के न होने की स्थिति में आईएएस को प्रतिनियुक्ति के आधार पर तैनात किया जाए, लेकिन वह सचिव रैंक से कम न हो। 

विज्ञापन


ऐसे में लगातार इस पद पर आईएएस तैनात हैं। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि प्रधानाचार्यो की सुनवाई की जाए अन्यथा मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, नियुक्त एवं कार्मिक विभाग के मुख्य सचिव और डीजीएमई को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना पड़ेगा। इस आदेश के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्यों की वरिष्ठता सूची जारी कर उनसे आपत्ति मांगी है। 

वर्तमान 13 राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सात में आयोग से चयनित प्रधानचार्य कार्यरत हैं। वरिष्ठता के क्रम में डॉ. मुकेश यादव अंबेडकरनगर, डॉ. रमेश चंद्र गुप्ता मेरठ, डॉ. अरविंद त्रिवेदी जालौन, डॉ. संजय काला कानपुर, डॉ. सुधीर राठी सहारनपुर, डॉ. शिव कुमार बदायूं, डॉ. धर्मेंद्र कुमार गोरखपुर का नाम है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें