ब्रजेश पाठक को सम्मानित किया गया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की तरक्की के लिए ग्रीन एनर्जी पर काम करने की आवश्यकता है। छतों की ऊंचाई मानक के अनुसार रखी जाए। भवनों में पर्याप्त खिड़की हों ताकि दिन में उजाला और प्राकृतिक हवा के लिए लाइट, एसी-पंखे का कम से कम इस्तेमाल करना पड़े। प्राइवेट भवनों में शत-प्रतिशत सोलर पैनल लगाए जाएं। यह कहना है डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का।
वह शनिवार को लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन के आईजीबी कॉन्फ्रेंस ट्रांसफॉर्मिंग रियल एस्टेट इन उत्तर प्रदेश थ्रू ग्रीन बिल्डिंग्स को संबोधित कर रहे थे। डिप्टी सीएम ने कहा कि पहले ऊंचे मकान बनाए जाते थे। बड़ी-बड़ी खिड़कियां रखी जाती थी। ऊंचे दरवाजे होते थे। अब बड़े-बड़े भवनों में नाम मात्र की खिड़कियों का प्रावधान किया जा रहा है। दिन भर खिड़की और दरवाजा बंद रहते हैं। दिन में भी लाइटें जलानी पड़ रही है। एयर कंडीशन भी दिनभर चलते हैं। एयर कंडीशन से निकलने वाली गर्म हवा पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है। पानी की बरबादी को रोकने की दिशा में भी विचार करना चाहिए। टॉयलेट में यूरिनल लगाने पर जोर होना चाहिए। नहाने के पानी का सिचाई व गार्डन में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
प्राइवेट पर शत प्रतिशत लगाएं सोलर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलर एनर्जी को बढ़ावा दिया जाए। सरकारी भवनों में 100 प्रतिशत सोलर पैनल लगाने का प्रावधान किया गया है। प्राइवेट भवनों में भी इसे लागू किया जाए ताकि बिजली की बचत की जा सके। सार्वजनिक वाहनों का बढ़ावा दिया जाए। ग्रीन बिल्डिंग्स जिन्हें उनके कम एनवायरनमेंटल फुटप्रिंट, एनर्जी एफिशिएंसी और सस्टेनेबल मटीरियल से पहचाना जाता है। एक मज़बूत समाधान पेश करती हैं। वे एनर्जी के इस्तेमाल को 30 से 50 फीसदी तक कम कर सकती हैं। पानी की खपत को 20 से -30 प्रतिशत तक कम कर सकती हैं। इनमें रहने वालों की सेहत भी दुरुस्त रहेगी। इससे ग्रीनहाउस गैस के प्रभाव को काफी कम किया जा सकता है। साथ ही क्लाइमेट चेंज को कम करती हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शहरों में बड़े पैमाने पर सरकारी और प्राइवेट स्तर पर कंस्ट्रक्शन हो रहा है। ग्रीन बिल्डिंग के तरीकों को आम बनाने से पर्यावरण और आर्थिक तौर पर काफी फायदे हो सकते हैं। क्योंकि 2030 के लिए भारत की लगभग 70 प्रतिशत बिल्डिंग अभी बननी बाकी हैं। लिहाजा ग्रीन बिल्डिंग को बढ़ावा देने से भारत के 2070 के नेट जीरो टारगेट को पूरा करने में सीधे तौर पर मदद मिलती है। इस अवसर पर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह, एमएलए एके माथुर, अमित श्रीवास्तव, जय कुमार गुप्ता, संदीप सारस्वत, अशोक कुमार, राज वर्मा आदि मौजूद रहे।