मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव के अलावा विभिन्न विभागों में होने वाली बैठकों, सेमिनारों व अन्य कार्यक्रमों में अब पीने के लिए ‘पराग’ का पानी ही इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकार ने ‘पराग’ को मजबूती देने के लिए यह फैसला किया है। शासन ने तय किया है कि अब हर स्तर की शासकीय बैठकों व कार्यक्रमों में पराग के मिनरल वाटर ही उपयोग में लाए जाएंगे।
सचिव सचिवालय प्रशासन प्रभात मित्तल ने इस संबंध में शुक्रवार को शासनादेश जारी कर दिया।
सरकारी बैठकों व कार्यक्रमों में पराग का मिनरल वाटर उपयोग में लाए जाने से ‘पराग’ की ब्रांडिंग होगी।
इससे इसके उत्पादों की बिक्री में इजाफा होने की उम्मीद है।