सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री आजम खां के मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को 100 रुपए की सालाना लीज पर जमीन देने की जानकारी मीडिया के जरिए मिली है।
एक मंत्री के ट्रस्ट को कीमती जमीन देने पर मैं खुद सरकार से जानकारी लूंगा। ये कहना है प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक का। वे शनिवार को सीमैप में आयोजित किसान मेले में बोल रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि इस तरह सरकारी जमीन दिए जाने पर ऑडिटर जनरल जांच करते हैं। जिस ट्रस्ट को जमीन दी गई है, वह सक्षम है या नहीं? इसकी रिपोर्ट भी ऑडिटर जनरल विधानसभा के सामने रखते हैं।
विधानसभा की जिम्मेदारी है कि इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करे। मैं खुद इस मामले की जानकारी ले रहा हूं कि किन परिस्थितियों में यह जमीन मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को दी गई।
अखिलेश ने दी मंजूरी
गौरतलब है कि आजम खां के मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को महज 100 रुपये के सालाना लीज रेंट पर रामपुर स्थित मौलाना मुहम्मद अली जौहर शोध संस्थान दिया जाएगा। राज्य सरकार यह लीज 30 वर्षों के लिए देने जा रही है।
बताया जा रहा है कि खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लीज रेंट के प्रस्ताव को हरी झंडी दी है। अब राज्य सरकार और आजम के ट्रस्ट के बीच महज एमओयू पर हस्ताक्षर होने बाकी हैं।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन समारोह (21 व 22 नवंबर को) को रामपुर में धूमधाम से मनाने के बदले आजम खां के ट्रस्ट को यह अली जौहर संस्थान रिटर्न गिफ्ट के रूप में दिया था।
रिटर्न गिफ्ट देने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह फैसला कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिये 20 नवंबर को ही कर दिया था। लेकिन इसकी लीज कितने वर्षों की होगी और उसका लीज रेंट क्या होगा, यह तय नहीं हो सका था।
राजस्व विभाग को भी भेजी गई फाइल
अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग ने मौलाना मुहम्मद अली जौहर शोध संस्थान का लीज रेंट तय करने के लिए फाइल राजस्व विभाग पास भेजी थी। लेकिन राजस्व विभाग ने इस पर कोई राय नहीं दी थी।
बाद में अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के अफसरों ने विभागीय मंत्री को खुश करने के लिए महज 100 रुपये सालाना पर शोध संस्थान देने को लीज पर देने का प्रस्ताव तैयार किया। फिर आजम ने इस लीज रेंट पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मुहर लगवा ली।
गायत्री पर अभी इंतजार जरूरी
वहीं, पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के मामले पर राज्यपाल ने कहा कि लोकायुक्त ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट दी है। अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। इस केस में इंतजार करने की जरूरत है।
हालांकि यूपीटीयू वीसी प्रो. आरके खांडल के इस्तीफे पर राज्यपाल कुछ नहीं बोले। राज्यपाल ने केवल इतना कहा कि इस मामले पर बाद में बात की जाएगी।