राज्यपाल राम नाईक अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री के पत्र पर किसी टिप्पणी से इन्कार करते हुए कहा है कि मुझे अपनी संविधानिक मर्यादाएं पता हैं। इसके लिए किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि आजम की शिकायतें जायज नहीं हैं। दिल्ली में गवर्नर्स कॉन्फ्रेंस से शुक्रवार शाम राजधानी पहुंचे नाईक ने अमर उजाला से यह बातें कहीं।
राज्यपाल ने कहा, मुझे आजम का पत्र मिला है। आजम ने पत्र में जौहर ट्रस्ट की जमीन का जिक्र किया है। इस बारे में उन्होंने मुख्यमंत्री को कोई पत्र नहीं लिखा है।
उधर, बलिया में किसान पीजी कॉलेज के दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकारों से के सूबे में कानून व्यवस्था के सवाल पर उन्होंने फिर दोहराया, मुझे अपनी संविधानिक मर्यादाएं मालूम हैं।
मैं कोई टीका-टिप्पणी नहीं करूंगा। गौरतलब है कि आजम ने सफाई के बहाने बृहस्पतिवार को नाईक को चार पेज का पत्र लिखकर कई मुद्दों पर अपना ऐतराज जताया था।