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जान-बूझकर नहीं, समझ-बूझकर रोके हैं विधेयक : राज्यपाल

Sun, 10 Apr 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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राज्यपाल राम नाईक - फोटो : amar ujala
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राज्यपाल राम नाईक का कहना है कि कि छह विधेयकों को उन्होंने जान-बूझकर नहीं, बल्कि समझ-बूझकर रोक  रखा है। इन्हें रोके जाने की वजह उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पहले ही बता दी थी। संभव है मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय कार्यमंत्री को इसके बारे में न बताया हो।
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संगीत नाटक अकादमी में शनिवार शाम नौशाद सम्मान देने आए राज्यपाल ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, आज विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय मिलने आए थे।

उन्हें भी ये वजहें बता दी हैं। हालांकि राज्यपाल ने इन वजहों का खुलासा करने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा, यह उचित समय पर लोगों के सामने आ जाएगा।

राज्यपाल ने कहा कि विधानसभा में 8 मार्च को संसदीय कार्यमंत्री आजम खान ने कहा था कि राज्यपाल ने विधेयकों को क्यों रोक रखा है, इसके बारे में सरकार को जानकारी नहीं है। ऐसा कहते हुए उन्होंने (आजम खां ने) मुझ पर कई आक्षेप किए थे।
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'विधानसभा में जो भी हुआ उससे गलत संदेश गया'

विधानसभा में जो भी बहस हुई और जो समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ, उसके आधार पर मैंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा था। उनसे भी मैंने जो कुछ वहां हुआ, उसकी जानकारी प्राप्त की।

विधानसभा अध्यक्ष ने भी कहा था कि जो विधेयक मैंने रोक रखे हैं, उनके बारे में वह मुझसे बात करेंगे और जानकारी लेने की कोशिश करेंगे।

नाईक ने कहा कि विधानसभा में जिस प्रकार चर्चा हुई, उससे लोगों के बीच संदेश गया कि मैंने जान-बूझकर विधेयक रोक रखे हैं।

वास्तव में मैंने जान-बूझकर नहीं, बल्कि समझ-बूझकर विधेयक रोक रखे हैं और इन्हें रोकने के  जो कारण हैं, उनके बारे में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष दोनों को विस्तार से जानकारी दे दी है। अब मुख्यमंत्री को इसका समाधान निकालना है।
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