यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि लखनऊ की रामलीला का अपना एक महत्व है। लखनऊ ने पूरी दुनिया को बताया कि रामलीला का मंचन कैसे होता है। राज्यपाल ऐशबाग में विजयदशमी के अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, तीन साल पूरे हो गए औऱ चौथा साल चल रहा है। ये मेरा सौभाग्य है कि हर साल यहाँ आकर रामलीला देखने का अवसर मिल रहा है। आज यहां आए तो पिछले वर्ष की याद आयी जब मोदी जी यहां आए थे।
ये पहला अवसर था जब प्रधानमंत्री दिल्ली की रामलीला की बजाय लखनऊ की रामलीला में पधारे। लखनऊ की रामलीला ने पूरी दुनिया को बताया कि रामलीला का मंचन कैसे होता है। इंडोनेशिया थाईलैंड समेत कई देशों में रामलीला का मंचन होता है। मुस्लिम भी करते है।
राज्यपाल बोले, रामलीला के लिए हिन्दू नही रामभक्त होना जरूरी है। विजय के बाद लक्ष्मण ने राम से कहा था ये सोने की लंका है यहीं रहते है लेकिन राम ने कहा मातृभोमि और जनता से बड़ा कोई नही। मैं आप सबको 18 oct का आमंत्रण देता हूँ अयोध्या उत्सव के लिए। वहां पूरी दुनिया के लोग आ रहे है।