उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक अक्सर समारोहों में अपनी पुस्तक और अपने जीवन के विविध प्रसंगों की चर्चा करते हैं लेकिन बुधवार को उन्होंने अपनी जीवन यात्रा के बारे में विस्तार से बताया।
अवसर था दूरदर्शन के लखनऊ केंद्र द्वारा उनके जन्मदिन 16 अप्रैल पर प्रसारित होने वाले विशेष कार्यक्रम का। राज्यपाल ने कहा कि राजभवन बहुत सुन्दर है और काफी बड़ा है लेकिन मुझे मुंबई का अपना वह घर आज भी बहुत प्रिय है, जिसमें दो कमरे हैं।
उन्होंने कहा कि 1960 में हम 12 दोस्तों ने मिलकर गोरेगांव में एक प्लाट लिया और वहीं घर बनवाया। शिवाजी के नाम पर इसका नाम हमने शिवस्मृति रखा।
आमंत्रित दर्शकों के समक्ष आयोजित इस कार्यक्रम में उनकी पुस्तक ‘चरैवेति-चरैवेति’ के बहाने उनकी जीवन यात्रा पर विस्तार से चर्चा हुई और वरिष्ठ साहित्यकार गोपाल चतुर्वेदी, लेखक योगेश प्रवीन, लेखिका एवं शिक्षाविद् आसिफा जमानी, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी. सिंह तथा हाल में अपनी पुस्तक ‘लता सुर गाथा’ पर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए चयनित यतीन्द्र मिश्र ने सवाल किए।