जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी की 117वीं जयंती पर उन्हें पूरे प्रदेश में श्रद्धांजलि दी गई। भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर स्वास्थ्य शिविर लगाया गया तो कार्यकर्ताओं ने मलिन बस्तियों व चिकित्सालयों में फल व दूध का वितरण किया। पार्टी के जिला व क्षेत्रीय कार्यालयों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुए।
राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन समेत अन्य कई मंत्रियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय में लगी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान विधि व न्याय मंत्री बृजेश पाठक, चिकित्सा व प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, राज्य मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, महापौर संयुक्ता भाटिया आदि मौजूद रहे। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता व अखंडता के लिए बलिदान दिया। वह कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानते थे।
पंडित जवाहर लाल नेहरू ने महात्मा गांधी के सुझाव पर डॉ. मुखर्जी व आंबेडकर को मंत्री बनाया था। नाईक ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर पंडित नेहरू से वैचारिक मतभेद के चलते डॉ. मुखर्जी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया और भारतीय जनसंघ की स्थापना की। जबकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी महान शिक्षाविद्, चिंतक व कुशल नीतिकार थे। दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों के चलते उनका असामयिक निधन हो गया था, जिससे देश का काफी नुकसान हुआ।
इस मौके पर क्षेत्रीय अध्यक्ष सुरेश तिवारी, विधायक सुरेश श्रीवास्तव, भाजपा मुख्यालय प्रभारी भारत दीक्षित, संगठन मंत्री अशोक तिवारी, महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, उपाध्यक्ष अनुराग मिश्र, महानगर महामंत्री त्रिलोक अधिकारी, जिला इकाई महामंत्री अवधेश सिंह पप्पी भी मौजूद रहे।