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सीएम से बोले राज्यपाल, 'मथुरा, कैराना व दादरी मामले की रिपोर्ट भेजें'

Wed, 15 Jun 2016 02:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व राज्यपाल राम नाईक - फोटो : amar ujala
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राज्यपाल राम नाईक ने हाल ही मथुरा के जवाहरबाग के साथ ही कैराना, दादरी व राजधानी में हुई घटनाओं पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लिखित रिपोर्ट तलब की है। मुख्यमंत्री मंगलवार को राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे।
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दोनों के बीच लगभग 45 मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मथुरा, कैराना, दादरी के बिसाहड़ा तथा लखनऊ में दिनदहाड़े लूटपाट और डकैती की घटनाओं पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दी। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से कहा कि इन सभी घटनाओं पर उन्हें जल्द विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाए।

मुख्यमंत्री दोपहर लगभग सवा दो बजे राजभवन पहुंचे और तीन बजे तक वहां रहे। बातचीत के दौरान राज्यपाल व मुख्यमंत्री के बीच मथुरा के जवाहरबाग में हुई घटना को लेकर खास तौर पर चर्चा हुई।
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राज्यपाल ने कहा कि जवाहरबाग का मामला प्रथम दृष्टया अवैध कब्जे का प्रतीत होता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्राधिकरण, नगर निगम, ग्राम पंचायत की जमीनों पर अवैध कब्जे की नियमानुसार जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने किया सरकार का बचाव

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को बताया कि जवाहरबाग में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी के मद्देनजर राज्य सरकार ने कार्रवाई करने में काफी संयम बरता ताकि इन्हें नुकसान न हो।

खुफिया रिपोर्टों के आधार पर समुचित पुलिस बल की व्यवस्था हो जाने के बाद वहां कार्रवाई की जानी थी। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी जब वहां कार्रवाई के संबंध में रेकी करने गए, तब अप्रत्याशित तौर पर हमला हुआ और यह घटना घटित हो गई।

इसके कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति मिर्जा इम्तियाज मुर्तजा की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया गया है।

इसकी रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के सभी संबंधित अधिकारियों को पहले से ही निर्देशित किया जा चुका है कि जहां कहीं भी जमीन पर कब्जा किए जाने की शिकायत मिले, वहां तत्काल प्रभावी कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जे को हटाया जाए।

कैराना की घटना के पीछे राजनीतिक लाभ लेने की मंशा

- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को बताया कि कैराना में कुछ राजनीतिक दल लोगों के पलायन की बात कह रहे हैं, लेकिन जांच में यह साबित नहीं हो रही। कुछ दल इसका राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं।

इसी तरह दादरी के बिसाहड़ा मामले को राजनीतिक लाभ के लिए तूल दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को बताया कि राजधानी में हुई घटनाओं को लेकर सरकार गंभीर है और इन मामलों में पुलिस तत्परता से कार्रवाई कर रही है। कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम हो रहा है।
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सरकार की अनुमति के बाद ही बढ़े विवि की फीस

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से पूर्वांचल विवि जौनपुर व कानपुर विश्वविद्यालय की ओर से फीस में बढ़ोतरी किए जाने पर भी चर्चा की।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 7(14) में विश्वविद्यालयों को अध्यादेश के जरिये फीस वृद्धि का अधिकार है, जबकि उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 52 (3) (सी) के अनुसार फीस विश्वविद्यालयों की आय का एक अंग है, इसलिए इसमें राज्य सरकार का अनुमोदन आवश्यक है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालयों को सिर्फ इतनी राहत दी है कि जो फीस वसूली जा चुकी है, उसे लौटाना बाध्यकारी नहीं होगा लेकिन नए सिरे से फीस नहीं बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए सरकार को राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन करना चाहिए।
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