आरटीआई एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर को सूचना अधिकार के तहत उपलब्ध कराए गए अभिलेखों से पता चला था कि यश भारती और पद्म पुरस्कार से सम्मानित लोगों को मासिक पेंशन शुरू करने के बाद से अब तक 9 करोड़ 11 लाख 335 रुपये भुगतान किया जा चुका है। तत्कालीन संयुक्त निदेशक अनुराधा गोयल के 27 अप्रैल 2017 के पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल 172 लोगों को पेंशन दी गई।
पेंशन को लेकर साहित्यकार, कलाकार तो अभी हाल में सक्रिय हुए, लेकिन नई सरकार के गठन के बाद संस्कृति विभाग द्वारा यश भारती और पद्म अलंकरण से सम्मानित लोगों की पेंशन रोकने के खिलाफ भाजपा के प्रवक्ता ने ही सबसे पहले मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी।
यश भारती को लेकर सपा सरकार को अक्सर विपक्षी दल कठघरे में खड़ा करता रहा है, लेकिन भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सिंह राणा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसे पूर्व की भांति दिलाने की प्रार्थना की है। बता दें, राणा को पावरलिफ्टिंग के अंतरराष्ट्रीय कोच होने के कारण यश भारती सम्मान मिला है।
प्रदेश सरकार ने जब यश भारती से सम्मानित लोगों को 50 हजार रुपये मासिक पेंशन देने की घोषणा की थी, तब फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने विरोध किया था। साथ ही उन्होंने अपने व अपने परिवार के पेंशन को यह कहते हुए लौटा दिया था कि इसे जरूरतमंद व गरीबों पर खर्च किया जाए। इसके बाद सरकार को यह घोषणा करनी पड़ी थी कि पेंशन उन्हें ही दी जाएगी, जो आवेदन करेंगे।
तत्कालीन सपा सरकार ने सभी आवेदकों को पेंशन देने का फैसला किया था। ऐसे में वे भी पेंशन लेने लगे जो क्रिकेट, सिनेमा जैसे माध्यमों में लाखों-करोड़ों मानदेय लेते हैं। वहीं, विश्वविद्यालयों, संस्थानों व सरकारी नौकरियों से पेंशन पाने वालों को भी यह पेंशन मिलनी शुरू हो गई। पूर्व सांसद राज बब्बर व उनकी पत्नी नादिरा बब्बर, क्रिकेट खिलाड़ी मो. कैफ व सुरेश रैना, फिल्मों से जुड़े जिमी शेरगिल, अभिजीत भट्टाचार्य, समीर, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, कैलाश खेर, मुजफ्फर अली, सुधीर मिश्र, राजू श्रीवास्तव, अनुराग कश्यप, विशाल भारद्वाज, उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष व गीतकार गोपालदास नीरज, लखनऊ विवि के सेवानिवृत्त प्रोफेसर व रंगकर्मी राज बिसारिया, कला महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य व वरिष्ठ चित्रकार जयकृष्ण अग्रवाल, मैनपुरी के नेशनल कॉलेज में विभागाध्यक्ष रहे गीतकार सोम ठाकुर पेंशन पाने वालों में शामिल रहे।