औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना
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औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने उद्यमियों से लिए जाने वाले रखरखाव शुल्क को तार्किक बनाने तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के औद्योगिक भूखंडों की उप विभाजन नीति को युक्तिसंगत बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उद्यमियों की समस्याओं को तेजी से निस्तारित करने को कहा है।
महाना मंगलवार को गोमतीनगर स्थित पिकप भवन में राज्य विकास प्राधिकरण के कार्यकलापों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने यूपीसीडा को प्रदेश में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए नई लैंड पूलिंग नीति के अंर्तगत परियोजनाएं प्रस्तावित करने के लिए अधिशासी अभियंताओं व क्षेत्रीय प्रबंधकों को उत्तरदायी बनाने कहा। महाना ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा एक जनवरी, 2020 से 892 भूखंडों के आवंटन तथा कुल 525.70 एकड़ भूमि उद्यमियों को उपलब्ध कराया गया है। इससे प्रदेश में 3500 करोड़ रुपये निवेश व 44 हजार लोगों के लिए रोजगार सृजन की राह खुली।
प्राधिकरण द्वारा मेगा व सुपर मेगा परियोजनाओं की नीति के तहत बुंदेलखंड में 582 करोड़ तथा पूर्वांचल में 184 करोड़ के परियोजनाओं का क्रियान्वयन हुआ। बैठक में औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन व अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अब ई-ऑक्शन वाले सभी भूखंड का ब्योरा पोर्टल पर दिखेगा
महाना ने प्राधिकरण के ई-ऑक्शन योग्य समस्त भूखंडों को एक साथ पोर्टल पर दिखाने की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने प्राधिकरणों में भूखंडों के आवंटन, भवन मानचित्र अनुमोदन, भूखंड हस्तांतरण व समय विस्तारण से जुड़ी सभी सेवाएं ऑनलाइन होने की वजह से इनके लिए ऑफ लाइन आवेदन न लेने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राधिकरण के भूखंडों पर भवन मानचित्र व समय विस्तारण के पुराने मामलों का प्राथमिकता पर निस्तारण करने व क्षेत्रीय प्रबंधकों को लैंड ऑडिट कर उद्यमियों को आवंटन के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ट्रांसगंगा व सरस्वती हाईटेक सिटी में आवंटियों को भूखंड का कब्जा जल्द
औद्योगिक विकास मंत्री ने प्राधिकरण की ट्रांस गंगा परियोजना तथा सरस्वती हाईटेक सिटी प्रयागराज में आवंटित भूखंडों पर आवंटियों को जल्द से जल्द कब्जा दिलाने को कहा है। प्रदेश की रुग्ण इकाईयों की भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने, वस्त्र निगम की इकाईयों के ऋ णों के लिए ओटीएस योजना लाने तथा ट्रांस गंगा सिटी परियोजना में सरैया रेलवे ओवरब्रिज बनाने की कार्यवाही लोक निर्माण विभाग व रेल विभाग से समन्वय कर तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया।