काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण समारोह में शामिल होने आ रहे देश भर के पांच हजार महंत, साधु और संत अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए भी आएंगे। प्रदेश सरकार की ओर से देश के विभिन्न मठों, पीठों और मंदिरों के साधु संतों को अयोध्या दर्शन कराया जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण समारोह ‘भव्य काशी -दिव्य काशी’ के लिए केंद्र सरकार ने देश भर से पांच हजार साधु संतों को आमंत्रित किया है।
साधु संतों की मौजूदगी में कॉरिडोर का लोकार्पण कराने के बाद उन्हें अयोध्या दर्शन के लिए लाया जाएगा। साधु संत अयोध्या में रामलला के दर्शन के साथ वहां चल रहे भव्य राम मंदिर निर्माण का जायजा लेंगे। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि साधु संत अयोध्या में दर्शन और मंदिर निर्माण का जायजा लेने के बाद उनसे जुड़े अनुयायियों को जो संदेश देंगे उससे पार्टी को ना केवल यूपी में बल्कि पूरे देश में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को बढ़ाने में लाभ होगा।
भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री 14 को जाएंगे अयोध्या
भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पत्नी संग 14 दिसंबर शाम को अयोध्या पहुंचेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक वे 15 दिसंबर को रामलला के दर्शन और पूजन के साथ हनुमान गढ़ी मंदिर में दर्शन करेंगे। वहां से विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री अपने प्रदेश की जनता को संदेश देने का प्रयास करेंगे कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य जो किसी समय असंभव लगता था, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व ने संभव कर दिखाया है। अयोध्या में न केवल भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है बल्कि अयोध्या को भी नया स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।