मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से उपजी स्थिति की शनिवार को समीक्षा की। उन्होंने फसलों को हुए नुकसान का तत्काल आंकलन करने और प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में हुई असमय वर्षा और ओलावृष्टि के कारण किसान और कृषि उपज पर दुष्प्रभाव पड़ा है। विगत 24 घंटों में भी प्रदेश के नौ जनपदों में ओलावृष्टि की सूचना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति अगले दो-तीन दिन और रहने की संभावना है। इसके लिए सभी आवश्यक सतर्कता प्रबंध किए जाएं।
उन्होंने निर्देशित किया कि राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने में देर न हो। मौसम पूर्वानुमान के बारे में सुदूर गांव तक टीवी, अखबार व स्थानीय प्रशासन के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराएं। यह पूर्वानुमान 24-48 घंटे का हो। जब लोग अलर्ट होंगे तो क्षति भी कम होगी।
प्राकृतिक आपदा से यदि किसी की मृत्यु होती है, मानव-वन्य जीव संघर्ष से कोई घायल होता है तो बिना विलंब तत्काल पीड़ित परिवार से संपर्क किया जाए। आपदा राहत कोष से पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। सीएम ने कहा कि गेहूं की फसल के संभावित नुकसान के कारण इस वर्ष भूसे की कमी हो सकती है। ऐसे में पशुपालन विभाग द्वारा समय से गोवंश चारे की व्यवस्था कर ली जाए।