सूबे में मार्च के बाद से किडनी के मरीजों की मुफ्त डायलिसिस हो सकेगी। प्रदेश सरकार 18 मंडलों में पीपीपी मॉडल पर एक-एक डायलिसिस सेंटर खोलने जा रही है। सरकार ने इन्हें चार क्लस्टर में बांटकर निजी संस्थाओं से पांच वर्षों के करार के तहत इसके लिए आवेदन मांगे हैं।
सरकार ने इन सभी 18 मंडलों में मरीजों को नि:शुल्क डायलिसिस सुविधा देने के लिए कवायद भी शुरू कर दी है। इसमें ज्यादा से ज्यादा निजी संस्थाओं को शामिल करने के लिए सरकार ने रिक्वेस्ट फॉर क्वालीफिकेशन (आरएफक्यू) व रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) के लिए आवेदन मांगने की तिथि 29 जनवरी तक आगे बढ़ा दी है।
प्रत्येक मंडल के अस्पतालों में 10-10 बेड की डायलिसिस की सुविधा दी जाएगी। इससे हर दिन प्रत्येक अस्पताल में औसतन 50 मरीजों की डायलिसिस की जा सकेगी। सेंट्रल गवर्मेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) के निर्धारित रेट से भी कम में जो डायलिसिस करने का प्रस्ताव देगा उसे ही यह सेंटर खोलने की अनुमति दी जाएगी।
यहां खुलेंगे डायलिसिस सेंटर
सरकार इन अस्पतालों में मरीजों से एक भी पैसा न लेकर अपने बजट से डायलिसिस के खर्चे की प्रतिपूर्ति करेगी। दरअसल, अभी तक डायलिसिस की सुविधा केवल बड़े शहरों में ही उपलब्ध है।
नेफ्रोलॉजिस्ट की कमी के कारण सरकार ये सेंटर पीपीपी मॉडल पर खोले जा रहे हैं। मंडल मुख्यालयों में सेंटर खुलने से मरीजों को काफी आसानी हो जाएगी।
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