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हड़ताली लेखपालों पर सरकार की जबरदस्त कार्रवाई, अब तक 8 हजार लेखपाल नपे

Sat, 14 Jul 2018 09:20 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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कलेक्ट्रेट पर धरना देते लेखपाल
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प्रदेश सरकार ने राजस्व लेखपालों की हड़ताल खत्म कराने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदेश में अब तक 8000 लेखपालों के खिलाफ निलंबन या सेवा समाप्ति की नोटिस देने की कार्रवाई की गई है। मथुरा में सबसे कड़ी कार्रवाई हुई है। दो लेखपालों को गिरफ्तार करने के साथ 12 के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

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सरकार की कड़ी सख्ती के बावजूद प्रदेश में कार्यरत 25,577 लेखपालों में बमुश्किल 2400 लेखपाल ही सेवा पर लौटे हैं। बाकी पूरी ताकत से हड़ताल पर डटे हुए हैं। जिलाधिकारियों से शासन को मिली रिपोर्ट के मुताबिक 633 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है।

इनमें लेखपाल संघ के प्रदेश से तहसील स्तर के तमाम पदाधिकारी भी शामिल हैं। सबसे कड़ी कार्रवाई परिवीक्षाधीन लेखपालों के खिलाफ हुई है और 7381 लेखपालों को सेवा समाप्ति की नोटिस दी गई है।
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सरकार की सख्ती के बाद 1860 लेखपाल आंशिक रूप से हड़ताल से वापस लौट आए हैं और 553 ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों को एस्मा के अंतर्गत कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है। कई जिलों में नो वर्क-नो पे के तहत कार्रवाई हुई है।

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हड़ताल खत्म कराने के लिए ‘बैक डोर’ प्रयास जारी

लेखपालों की हड़ताल को खत्म कराने के लिए एक ओर सरकार का कार्रवाई का चाबुक जारी है दूसरी ओर ‘बैक डोर’से नए सिरे से वार्ता के प्रयास भी चल रहे हैं। संकेत है कि हड़ताली नेताओं व शासन के शीर्ष अफसरों के बीच विभिन्न मुद्दों पर अनौपचारिक वार्ता हुई है। यह आगे भी जारी रहने के संकेत हैं। हालांकि शासन और लेखपाल संघ दोनों ने ही किसी तरह की वार्ता से इनकार किया है। मगर, सूत्रों का दावा है कि हड़ताल एक-दो दिन में ख्त्म हो सकती है।
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