लोक प्रयोजन के तहत इस एयरपोर्ट को राज्य सरकार के स्वयं के उपयोग व नियंत्रण में मानते हुए भू-स्वामियों की सहमति से मुक्त रखा जाना उचित होगा। पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन में यीडा की राय से निदेशक भूमि अध्याप्ति ने भी सहमति प्रकट की है। शासन स्तर पर निर्णय हुआ है कि इस प्रकरण को न्याय विभाग को भेजकर राय ले ली जाए। न्याय विभाग की राय के बाद ही गौतमबुद्धनगर के डीएम को अगली कार्यवाही के लिए निर्देशित किया जाएगा।