चालू वित्त वर्ष में सरकार ने शुल्क भरपाई के बजट में भी 134 करोड़ रुपये की वृद्धि की है। शासन ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से कहा है कि पहले सभी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाए। इसके बाद जो बजट बचे, उससे मेरिट के आधार पर शुल्क की भरपाई की जाए। सरकार ने विभाग को हर साल लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।