राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर सी-ब्लॉक में रविवार को कूरियर देने के बहाने चार बदमाश किरायेदार नितिन सिंह के कमरे में घुस गए और ठेकेदार की पत्नी शालिनी को बंधक बनाकर पीटा। किसी तरह महिला धक्का देकर बाहर भाग निकली। कमरे की तलाशी में कुछ हाथ नहीं लगा तो बदमाशों ने आग लगा दी। धुआं निकलता देख मकान मालिक व पड़ोसी जुट गए। सूचना पर पहुंची दमकल की टीम ने लपटों पर काबू पाया। पुलिस के मुताबिक, देर शाम तक दंपती ने तहरीर नहीं दी।
मूलरूप से अंबेडकरनगर के अकबरपुर निवासी नितिन सिंह इंदिरानगर के सी-ब्लॉक में डॉ. एमडी बाजपेई के मकान में किराये पर रहते हैं। परिवार में बेटा दीपेंद्र व पत्नी शालिनी हैं। नितिन मैन पावर सप्लाई का काम करते हैं। हजरतगंज में उनका कार्यालय है। रविवार को नितिन कार्यालय पर थे। दोपहर करीब ढाई बजे पत्नी शालिनी ने कॉल कर सूचना दी कि घर के अंदर कुछ बदमाश घुस आए। उनको मारा-पीटा, चाकू दिखाकर बेडरूम की तलाशी ली। किसी तरह वह बदमाशों को धक्का देकर भागी। घर से कुछ दूरी पर स्थित पार्क में छिपी हैं। इस पर वह घर पहुंचे।
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चाकू दिखाकर धमकाया...पिटाई के बाद घर की ली तलाशी
शालिनी ने बताया कि करीब 2.15 से 2.30 बजे के बीच दरवाजे पर दस्तक हुई। वह बाहर निकली। दो युवक खड़े थे। एक ने कहा कि उनके बेटे दीपेंद्र का कूरियर आया है। जैसे ही मुख्य दरवाजा खोला तो दो युवक अंदर घुसे। उनके पीछे एक-एक कर दो और युवक आ गए। एक ने चाकू निकालकर धमकाया तो दो ने उनको पकड़ लिया और बेडरूम में ले गए, जहां उनकी पिटाई की। एक बदमाश घर की तलाशी लेता रहा।
एक बदमाश बोला-कमरा बंद कर लगा दो आग
शालिनी के मुताबिक चौथे बदमाश ने उनको धमकी दी, कहा कि कमरा बंद कर आग लगा दो। यह सुनकर शालिनी ने हिम्मत जुटाई, जैसे ही बदमाश ढीले पड़े तो धक्का देकर बाहर आ गईं। कुछ दूर बदमाशों ने उनका पीछा किया तो वे एक पार्क में जाकर छिप गईं। बदमाशों ने शालिनी के भागने के बाद बेडरूम के सारे सामान जला दिए। कुछ बच न जाए इसलिए बेड के अंदर रखे सामान बाहर निकालकर आग लगाई गई।
धुआं भरने लगा तो मकान मालिक को पता चला
मकान मालिक डॉ. एमडी बाजपेई के मुताबिक, खाना खाने के बाद कमरे में सोने गए थे। एसी चलाया तो कुछ देर में ही धुआं भरने लगा। बाहर निकले और कमरे खंगाले। फिर पत्नी ने नीचे आग लगने की बात कही। डॉ. बाजपेई नीचे उतरे तो देखा नितिन वाले हिस्से में धुआं भरा है। कमरे में कोई नहीं था। आननफानन बिजली आपूर्ति बंद की। इसी बीच पड़ोसी भी आ गए। बाथरूम से पानी की बाल्टी लेकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कुछ देर बाद दमकल की एक गाड़ी पहुंची और लपटों पर काबू पा लिया।
10 मिनट में वारदात, सदमे में शालिनी
डॉ. एमडी बाजपेई का मकान एसीपी गाजीपुर के कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर है। दिनदहाड़े वारदात से पूरी कॉलोनी के लोग सहमे हुए हैं। नितिन के मुताबिक, समझ ही नहीं आ रहा कि हमला किस कारण हुआ, बदमाशों का मकसद क्या था? वारदात से शालिनी बहुत डरी हुई हैं। इंस्पेक्टर गाजीपुर सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। मकान में लगा कैमरा खराब है। कुछ दूरी पर एक छोटा सा अस्पताल है। उसके मालिक से बातचीत की गई है। संभावना है कि अस्पताल के कैमरे में आने-जाने वालों की तस्वीरें मिल जाएं।